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News Posts by Vishal Gaurav

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Apr 25 (17:29) बिहारशरीफ-जहानाबाद रेललाइन पर कहां कहां बनेंगे स्टेशन.. तीन जंक्शन का भी होगा निर्माण (www.nalandalive.com)
New Facilities/Technology
ECR/East Central
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News Entry# 484198  Blog Entry# 5324925   
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Apr 25 2022 (17:29)
Station Tag: Jehanabad Court/JHDC added by Vishal Gaurav/825385

Apr 25 2022 (17:29)
Station Tag: Ekangarsarai/EKR added by Vishal Gaurav/825385

Apr 25 2022 (17:29)
Station Tag: Bihar Sharif Junction/BEHS added by Vishal Gaurav/825385

Apr 25 2022 (17:29)
Station Tag: Jehanabad/JHD added by Vishal Gaurav/825385
बिहारशरीफ-जहानाबाद रेललाइन पर कहां कहां बनेंगे स्टेशन.. तीन जंक्शन का भी होगा निर्माण
बिहारशरीफ को जहानाबाद से जोड़ने वाली नई रेललाइन पर सर्वे का काम पूरा हो गया है। नई रेललाइन बिहारशरीफ से एकंगरसराय होते हुए जहानाबाद जाएगी। इस रेलखंड में तीन जंक्शन बनाए जाने का प्रस्ताव है। जबकि एक क्रॉसिंग स्टेशन और पांच हॉल्ट बनाए जाएंगे ।
करीब एक हजार करोड़ खर्च होंगे
बिहारशरीफ-जहानाबाद
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रेलखंड की कुल लंबाई 66.6 किलोमीटर होगी।ये नई रेललाइन बिहारशरीफ से एकंगरसराय होते हुए जहानाबाद में पटना-गया रेलखंड में मिल जाएगी। इसके निर्माण में करीब एक हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे । बिहारशरीफ और जहानाबाद रेल लाइन से जुट जाने के बाद बराबर की पहाड़ी समेत अन्य पौराणिक स्थलों को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आ सकेंगे। साथ ही पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।
कहां कहां बनेंगे स्टेशन
बिहारशरीफ-जहानाबाद रेलखंड पर 13 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है । जिसमें तीन जंक्शन बनाए जाएंगे। जिसमें एक बिहारशरीफ, दूसरा एकंगरसराय और तीसरा जहानाबाद में जंक्शन का प्रस्ताव है । जहां ये रेललाइन जाकर मिल जाएगी । इसके अलावा जहां जहां स्टेशन या हॉल्ट बनाया जाना है उसमें सोहसराय, देकपुरा, जयप्रकाशपुर, बाराखुर्द, पिलिछ, मदनपुर, एकंगरसराय, तेल्हाड़ा, बंधुगंज, नगवा, और जहानाबाद कोर्ट शामिल है।
कितने पुल और RUB बनेंगे
बताया कि बिहारशरीफ-जहानाबाद रेललाइन पर खास बात ये है कि कोई भी आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) बनाने का प्रस्ताव नहीं है । जबकि 13 आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) बनाने की योजना है। इसके अलावा इस रेललाइन में 21 बड़े पुल भी बनाये जायेंगे। साथ ही, 59 छोटे पुल भी बनेंगे।
आंकड़े की नजर में बिहारशरीफ-जहानाबाद रेलखंड :
लंबाई : 66.6 किलोमीटरबड़े पुलों की संख्या : 21छोटे पुलों की संख्या : 59आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) : 0 (शून्य)आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) : 13प्रस्तावित जंक्शन : तीन (बिहारशरीफ, एकंगरसराय और जहानाबाद)क्रॉसिंग स्टेशन : एक (परवलपुर)हॉल्ट की संख्या : 05 (सोहसराय, देकपुरा, ओप, तेल्हाड़ा और काको)
रेलमार्ग से जुट जाएगा मगध
अभी नालंदा जिला में तीन रेलखंडों पर ट्रेनें चल रही हैं। इनमें बख्तियारपुर-तिलैया, बिहारशरीफ-दनियावां और फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड शामिल हैं। बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा रेलखंड पर निर्माण का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अब तीन नई रेलवे लाइन पर सर्वे का काम चल रहा है । ऐसे में नालंदा जिला सात रेललाइनों का जाल बिछ जाएगा और पूरा मगध रेललाइनों से आपस में जुड़ जाएगा। जिससे विकास की गति तेज होगी ।इसके बनने से किसानों से लेकर आम लोगों को काफी सहूलियत होगी।

Rail News
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Apr 26 (02:18)
kvn2551
KVNPKR   141 blog posts
Re# 5324925-1            Tags   Past Edits
2045 तक तो बन ही जाना चाहिए इस रेल परियोजना को ।
शेखपुरा बिहारशरीफ प्रोजेक्ट की रफ्तार को देखते हुए कम से कम इतना समय तो लगना ही चाहिए ।

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Apr 26 (10:28)
60 years of neglection
RohitBiharSharif~   3967 blog posts
Re# 5324925-2            Tags   Past Edits
इतने रेल लाइन फालतू के हैं। जितने हैं उनपे तो ट्रेन है नही।
ये सब में से बस Natesar - Wazerganj - Manpur और Bihar Sharif - Nawada बना दे वो भी बहुत है। बाकी की फिलहाल जरूरत नही है।

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Apr 26 (14:15)
kvn2551
KVNPKR   141 blog posts
Re# 5324925-3            Tags   Past Edits
नवादा को पावापुरी रोड स्टेशन से जोड़ना बहुत ही जरूरी था नवादा को पटना की फ़ास्ट कनेक्टिविटी के लिए, पर किसी को कोई मतलब नहीं है।

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Apr 26 (14:57)
60 years of neglection
RohitBiharSharif~   3967 blog posts
Re# 5324925-4            Tags   Past Edits
बिहार शरीफ - नवादा - तिलैया - कोडरमा मार्ग..... बिहार शरीफ - राजगीर - तिलैया - कोडरमा से कम दूरी की होगी। कोडरमा जाने के लिए भी छोटा और तेज रास्ता।
Apr 02 (09:48) Indian Railways: भारत-नेपाल के बीच कल होगी ट्रेन की शुरुआत, फोटो ID कार्ड रखना होगा अनिवार्य (www.aajtak.in)
New/Special Trains
INT/International
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News Entry# 482175  Blog Entry# 5263270   
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Apr 02 2022 (09:48)
Station Tag: Kurtha/KUTA added by Vishal Gaurav/825385

Apr 02 2022 (09:48)
Station Tag: Janakpur Dham/JNKPE added by Vishal Gaurav/825385

Apr 02 2022 (09:48)
Station Tag: Jaynagar/JYG added by Vishal Gaurav/825385
Indian Railways: भारत-नेपाल के बीच ट्रेन सेवा शुरू करने को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा इस ट्रेन सेवा की शुरुआत दिनांक 02.04.2022 को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे. पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि भारत नेपाल रेल सेवा नव आमान परिवर्तित जयनगर-जनकपुर/कुर्था रेल लाईन पर यात्री सेवा का परिचालन पुनर्बहाल किया जाना सुनिश्चित हुआ है, जिसको लेकर जीएम अनुपम शर्मा ने इस रेलखंड का जायजा भी लिया है.
बता दें कि भारत और नेपाल के बीच निर्माणाधीन जयनगर-बिजलपुरा-बर्दीबास रेल परियोजना के प्रथम चरण में जयनगर-जनकपुर/कुर्था रेलखंड जयनगर-बिजलपुरा-बर्दीबास (69.08 किमी) रेल परियोजना का एक भाग है. सीपीआरओ ने कहा कि रेल सेवा शुरू
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होने के बाद भारत और नेपाल के बीच ट्रेन से यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को यात्रा के दौरान पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा. यहां यह बताना आवश्यक होगा कि नेपाल में जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है. 
इसी वजह से सरकार ने निर्धारित पहचान पत्रों में से जैसे- वैध राष्ट्रीय पासपोर्ट, भारत सरकार/राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए जारी किए गए फोटोयुक्त पहचान पत्र, भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास/भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा जारी किए गए इमरजेंसी सर्टिफिकेट/आइडेंटिटी सर्टिफिकेट, 65 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु वर्ग के व्यक्तियों के पास उनकी उम्र और पहचान की पुष्टि के लिए फोटोयुक्त दस्तावेज जैसे - पैन कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, सीजीएचएस कार्ड, राशन कार्ड इत्यादि होने चाहिए. 
इसके अलावा, एक परिवार के मामले में किसी एक व्यस्क के पास उपर्युक्त 1 से 3 में वर्णित कोई एक दस्तावेज हो तो अन्य सदस्यों को परिवार से उनके संबंध दर्शाने वाले फोटो युक्त पहचान पत्र जैसे सीजीएचएस कार्ड, राशन कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, स्कूल/कॉलेज द्वारा जारी आईडी कार्ड आदि रहने पे उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी जा सकती है.
Speedy Trains: स्पीड के मामले में सबसे तेज चलने वाली शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को देश की शान माना जाता है. आज हम आपको बताएंगे की राजधानी और शताब्दी  ट्रेनों की खासियत क्या होती है और इन्हें राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन क्यों कहा जाता है?

Rajdhani and Shatabdi Express Train Speciality: भारतीय रेल को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है और रोजाना करोड़ो की तादाद में लोग रेल में सफर करते हैं. यूं तो पूरे भारत में साढ़े बारह हजार से ज्यादा यात्री ट्रेनें चलती हैं, लेकिन इनमें
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कुछ ऐसी ट्रेनें भी हैं, जिनमें सफर करना लोगों का सपना होता है. ऐसे ही ट्रेनों में शामिल है देश की शान कहीं जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में लोग सफर करने की इच्छा क्यों रखते हैं.

आज हम आपको बताएंगे की राजधानी और शताब्दी  ट्रेनों की खासियत क्या होती है और इन्हें राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन क्यों कहा जाता है. साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस कौन सी थी और उसका परिचालन कहां से कहां के बीच किया गया था.  राजधानी एक्सप्रेस और इसकी खासियत:

राजधानी एक्सप्रेस को देश की शान कहा जाता है. क्योंकि यह ट्रेन न सिर्फ अपनी स्पीड के लिए जानी जाती है. बल्कि सुरक्षा और सुविधा को लेकर भी नंबर वन मानी जाती है. इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है और औसत स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. यह भारत की एक बेहतरीन ट्रेन मानी जाती है जो आम यातायात के लिए इस्तेमाल होती है. इसके परिचालन के लिए अन्य ट्रेनों की अपेक्षा प्राथमिकता दी जाती है और रेलवे ट्रैक को पहले से क्लियर रखा जाता है. ताकि यह अपने निर्धारित समय से गंतव्य तक पहुंच सके.

राजधानी का किराया होता है सबसे महंगा:

देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस जो हावड़ा से नई दिल्ली के बीच सन 1969 मे चलाई गई थी. समान समय में देश में कुल तकरीबन दो दर्जन जोड़ी से ज्यादा राजधानी ट्रेनें चलती है. इन ट्रेनों का नाम राजधानी एक्सप्रेस इसलिए रखा गया है. क्योंकि यह ट्रेनें देश की राजधानी दिल्ली और बाकी प्रदेश की राजधानियों के बीच चलाई जाती है. राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन की बात करें तो कई रूट पर नहीं रोजाना चलाया जाता है जबकि कई रूट पर यह सप्ताह में दो या 3 दिन चलती है. राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों में सभी डिब्बे वातानुकूलित होते हैं और इनका किराया भी सामान्य ट्रेनों से काफी महंगा होता है.

शताब्दी एक्सप्रेस- कितनी होती है स्पीड और कैसे पड़ा नाम:

शताब्दी एक्सप्रेस सुपरफास्ट श्रेणी की ट्रेन होती है, जिसकी अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा होती है और इस ट्रेन की औसत स्पीड की बात करें तो 130 किलोमीटर प्रति घंटा है. देश की सबसे तेज चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भोपाल शताब्दी है. वर्तमान समय में तकरीबन दो दर्जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें देश के अलग-अलग रूट पर चलाई जा रही हैं, जिसमें 6 जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें नई दिल्ली से शुरू होती हैं. इस ट्रेन को उन स्टेशनों के बीच चलाया जाता है जिनकी दूरी 6 से 8 घंटे में पूरी हो जाती है.

परिचालन और सुविधा में बेस्ट हैं ये ट्रेन

परिचालन और सुविधा को लेकर बात करें तो राजधानी के बाद शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों का ही नंबर आता है. खास बात यह है कि शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी के कोई भी डिब्बे नहीं लगाए जाते बल्कि इन ट्रेनों में एसी चेयर कार और एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार की सुविधा होती है. शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन देश के महत्वपूर्ण और प्रमुख व्यवसायिक शहरों को जोड़ने के उद्देश्य से किया जाता है. खास बात यह है कि यह ट्रेन 1 दिन में अपने गंतव्य की यात्रा पूरा कर लेती है.

देश के प्रधानंत्री के जन्मदिन पर पड़ा था ट्रेन का नाम:    शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन का नाम 1988 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्मतिथि के शताब्दी वर्ष के मौके पर रखा गया था और देश की पहली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन नई दिल्ली से झांसी के बीच चलाई गई थी. जिसे बाद में बढ़ाकर भोपाल तक कर दिया गया था. इन ट्रेनों को रोजाना चलाया जाता है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस एक ऐसी ट्रेन है, जिसमें 2 बार खाने की सुविधा मिलती है. क्योंकि  मुंबई और अहमदाबाद के बीच का सफर 6 घंटे से ज्यादा देर का होता है. वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद शताब्दी जैसी ट्रेनों में यात्रियों के मनोरंजन के लिए फिल्म और टीवी सीरियल्स देखने की सुविधा भी प्रदान की जाती.
Mar 28 (10:56) Travel time between Mumbai-Chennai to reduce by 45 minutes as Indian Railways complete electrification work (www.freepressjournal.in)
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News Entry# 481625  Blog Entry# 5255608   
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Mar 28 2022 (10:56)
Station Tag: Mohol/MO added by Vishal Gaurav/825385

Mar 28 2022 (10:56)
Station Tag: Solapur/SUR added by Vishal Gaurav/825385

Mar 28 2022 (10:56)
Station Tag: Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus/CSMT added by Vishal Gaurav/825385

Mar 28 2022 (10:56)
Station Tag: MGR Chennai Central/MAS added by Vishal Gaurav/825385
The travel time between Mumbai and Chennai will be reduced at least by 45 minutes in near future said Indian Railways, as the Railways complete the electrification work of the entire Mumbai-Chennai route.
"Progressing swiftly towards a Greener Future! Mumbai-Chennai main route is now fully electrified, after completion of the Mohol-Sholapur route in Maharashtra. With this, 100 per cent electrification of the Golden Quadrilateral-Golden Diagonal Route of IR has been completed," Ministry of Railway tweeted Friday.
Between Mumbai and Chennai, there are three daily trains-- one weekly train on Saturday and one superfast
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weekly train on Monday that takes the minimum time of 21 hours 35 minutes.
Confirming the development, a senior officer of the central railway said, "now there is no need to change the engine of these trains en route. All these trains will now run end to end powered by electric locomotives."
"Earlier, these trains were partially running on diesel locomotives, as a result, there was a need to change the engine at two locations taking nearly 30 to 45 minutes," added officials.
"For the speed of trains running on the Mumbai-Chennai route, we organized an internal meeting. In the meeting, we wrote to other zonal railways including South Central and Southern railways for the amendment of their time timetable," said a senior officer of CR.
"After the amendment in time-table, travel time of trains running between Mumbai and Chennai will be reduced up to 45 minutes. Whole processes will take around 5 to 6 months," he added.
"Out of around 1,270 kilometres, only 27 km section remains, which will be completed in a couple of months. Work is in full swing now," said an officer of CR.
In addition to this, under the National Rail Plan (NRP), the process of up-gradation work on the Chennai-Delhi and Chennai-Mumbai lines, which have been rated as among the seven high-density routes, will be done which will ensure that trains on these routes can run at up to a speed of 160 kmph.
The measures include laying additional lines, building flyovers and introducing automatic signalling and collision control systems along the entire route by 2031.
The work is going to be done in phases but the speed of the trains is expected to increase where major bottleneck stretches have been eliminated, said a railway official adding that the aim was to make the lines capable of running trains at 160kmph. It will mean that the average speed will increase considerably from the current 70 km to over 100 km.

Rail News
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Apr 26 (12:13)
Atmathew80   115 blog posts
Re# 5255608-1            Tags   Past Edits
We are awaiting completion of electrification and doubling of railway line in Solapur Daund section so that Golden Quadrilateral is completed. Long delayed project in Solapur Division.
Mar 13 (10:03) पहाड़ से 268 फीट नीचे बन रही MP की सबसे लंबी रेलवे टनल; इतनी है लागत, जानिए खास बातें (hindi.news18.com)
New Facilities/Technology
WCR/West Central
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News Entry# 480168  Blog Entry# 5241675   
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Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by Vishal Gaurav/825385

Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Jabalpur/JBP added by Vishal Gaurav/825385

Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Vishal Gaurav/825385

Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Lalitpur Junction/LAR added by Vishal Gaurav/825385

Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Bargawan/BRGW added by Vishal Gaurav/825385

Mar 13 2022 (10:03)
Station Tag: Rewa (Terminal)/REWA added by Vishal Gaurav/825385
पश्चिम मध्य रेलवे ने ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना के काम की गति बढ़ा दी है. इससे रीवा को जबरदस्त फायदा होगा.
Indian Railways News: पश्चिम मध्य रेलवे ने ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना के काम की गति बढ़ा दी है. इस परियोजना को रीवा के गोविंदगढ़ स्थित छुहिया पहाड़ के नीचे बनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह मध्य प्रदेश की सबसे लंबी रेलवे टनल है. इसका काम 99% तक पूरा हो चुका है. इसकी लागत 107 करोड़ रुपये है. इस काम का ठेका भारतीय रेलवे ने दिल्ली की कंपनी को दिया है. कंपनी 3300 मीटर लंबी रेलवे टनल का काम दिन-रात कर रही है. ये टनल छुहिया पहाड़ से 268 फीट नीचे है. इससे रीवा को जबरदस्त फायदा होगा.
रीवा.
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पश्चिम मध्य रेलवे (Western Central Railway) ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना का काम दिन-रात कर रहा है. इस योजना के तहत रीवा के गोविंदगढ़ स्थित छुहिया पहाड़ के नीचे मध्य प्रदेश की सबसे लंबी रेलवे टनल बन रही है. इसका काम 99% तक पूरा हो चुका है. भारतीय रेलवे इस योजना पर 107 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है.
गौरतलब है कि ललितपुर से सिंगरौली रेल लाइन को पूरा करने का काम दिल्ली की एक निजी कंपनी को सौंपा गया है. कंपनी ने 3300 मीटर लंबी रेल्वे टनल बनाई है. ऊंचाई और चौड़ाई दोनों ही तकरीबन 8 मीटर हैं. इस रेवले टनल की खास बात ये है कि यह छुहिया पहाड़ से 268 फीट नीचे है. इसे मध्य-प्रदेश की सबसे बड़ी और लंबी टनल माना जा रहा है.
ये है परियोजना का उद्देश्य
केंद्र सरकार की ललितपुर से सिंगरौली को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का मुख्य उद्देश्य रीवा रेलवे स्टेशन का विस्तार करना है. इससे यह उत्तर प्रदेश के ललितपुर से मध्य प्रदेश के सिंगरौली तक जुड़ जाएगा. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद रीवा के हजारों यात्रियों को फायदा होगा.
ये प्रोजेक्ट भी हुआ जिंदा
दूसरी ओर, जबलपुर-इंदौर वाया बुधनी रेल परियोजना भी जिंदा हो गई है. 7500 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए सरकार ने बजट में एक हजार रुपये का प्रावधान कर दिया है. आने वाले समय में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा. गौरतलब है कि इस परियोजना की घोषणा साल 2016-17 के बजट में की गई थी. उसी समय डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) डीपीआर पर काम करने की बात कही गई थी.
रेल मंत्रालय की एजेंसी रेल विकास निगम ने शुरूआती दौर की  रिपोर्ट भी पेश कर दी थी. इसमें कहा गया था कि राज्य सरकार के सहयोग से जबलपुर-इंदौर रेल लाइन को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन उसके बाद फिर नई रेल लाइन पर कोई चर्चा न हो सकी. इस परियोजना में 205 किलोमीटर का ट्रैक स्वीकृत है. इस में 61 बड़े ब्रिज और 77 मिनी ब्रिज होंगे. इस रेल लाइन में कुल 18 स्टेशन होंगे, जिनमें 6 पर हॉल्ट होगा.
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