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Pamban Sethu - இது தான் நம்முடைய ராமர் சேது - Darnish C

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Entry# 4836880-0
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VRG/Vikram Nagar (2 PFs)
     विक्रम नगर

Track: Double Electric-Line

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Ujjain
State: Madhya Pradesh

Elevation: 503 m above sea level
Zone: WR/Western   Division: Ratlam

No Recent News for VRG/Vikram Nagar
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 11
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: 2.8/5 (16 votes)
cleanliness - good (2)
porters/escalators - average (2)
food - poor (2)
transportation - average (2)
lodging - average (2)
railfanning - good (2)
sightseeing - good (2)
safety - average (2)
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Station News

Page#    Showing 1 to 12 of 12 News Items  
May 09 (12:34) हम बेड संकट से जूझते रहे:उज्जैन में खाली खड़ी रही 22 आइसोलेशन कोच की 2 ट्रेन, ऑक्सीजन भी भरपूर (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
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News Entry# 451156  Blog Entry# 4957935   
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May 09 2021 (12:34)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Saurabh®/1294142

May 09 2021 (12:34)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Saurabh®/1294142
अस्पतालों में जगह नहीं है। बरामदे, कुर्सी, जमीन और एंबुलेंस तक में इलाज किया जा रहा है। ऐसे दौर में रेलवे ने कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए दो विशेष ट्रेन उज्जैन भेजी। मकसद था ऐसे मरीजों काे उपचार मुहैया करवाना, जो अस्पतालों में जगह नहीं होने से इससे वंचित हैं। ऐसे में रेलवे ने खास ट्रेन का इंतजाम किया। 20 व 16 आइसोलेशन कोच की दो ट्रेन उज्जैन स्टेशन पर खड़ी है। हर कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर भी हैं। एक समय में 22 मरीजों का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। इसमें बिजली, पानी, प्लेटफॉर्म रेलवे मुहैया करवाएगा जबकि चिकित्सा और उससे जुड़े स्टाफ का इंतजाम जिला प्रशासन को करना होगा।
डीआरएम विनीत गुप्ता का कहना है कि कलेक्टर के कहने पर
...
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उज्जैन में आइसोलेशन कोच भेजे हैं। जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर इसे विक्रमनगर स्टेशन पर उपयोग कर सकता है। वहां पर यात्रियों का दबाव नहीं है। खास यह भी है रेलवे ने उज्जैन के बाद इंदौर में आइसोलेशन कोच भेजा था। इंदौर से 23 किलोमीटर दूर टीही रेलवे स्टेशन पर 360 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बनाया जा चुका है। वहां प्लेटफॉर्म पर खड़ी 18 कोच की ट्रेन में 14 लोगों को उपचार दिया जा रहा है।
बन सकते हैं अस्थायी अस्पताल; आइसोलेशन कोच को कोविड केयर सेंटर बनाने के साथ विक्रमनगर स्टेशन पर एक अस्थायी अस्पताल भी बनाया जा सकता है। यहां ऐसे मरीजों को भर्ती किया जा सकता है जिन्हें कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे लोगों को घर के बाहर एक आइसोलेट यानी अलग रहकर उपचार करने की सुविधा मिल सकती है।
इसलिए उपयोगी : अस्पताल फुल, लौटाए जा रहे मरीज
अस्पताल में बेड की कमी के कारण मरीजों को लौटाया जा रहा है। अस्पतालों से मरीजों काे लौटाया जा रहा है, जबकि उन्हें उपचार की जरूरत है। अस्पताल के जिम्मेदारों का तर्क था कि उनके पास ऑक्सीजन संकट है। ऐसे में पहले से भर्ती मरीजों काे उपचार दिया जा रहा है। नए मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे। इसी तरह माधव नगर के शासकीय अस्पताल से भी मरीजों का लौटना पड़ा। एेसी स्थिति में रेलवे का आइसोलेशन कोच प्रशासन के लिए एक मिनी अस्पताल की तरह उपयोगी हो सकता है।
प्रशासन को तो सिर्फ डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ ही जुटाना है
डीआरएम के अनुसार रेलवे आइसोलेशन कोच देने को तैयार है लेकिन रेलवे के पास डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इनकी व्यवस्था स्थानीय प्रशासनको ही करना होगी।जरूरत पड़ने पर उपयोग कर सकते हैं^जिला प्रशासन के कहने पर रेलवे ने आइसोलेशन कोच का रैक भेजा है। इसे मुख्य स्टेशन की जगह विक्रमनगर स्टेशन पर रखा जाएगा। वहां पर स्टेशन भी नया और सुविधाजनक है और यात्रियों का दबाव भी कम है। जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग कर सकता है।-विनीत गुप्ता, डीआरएम
Apr 13 (00:00) अस्पतालों में बेड की कमी, जिला प्रशासन ने रेलवे से मांगा 200 बिस्तरों का रैक (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
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News Entry# 448489  Blog Entry# 4937590   
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Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Mangliyagaon/MGG added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Adittyaa Sharma/1421836
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड की कमी के चलते सोमवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने रेलवे से 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र भेजा है। रेलवे के पास इंदौर, उज्जैन व मांगलिया में चार रैक है। मंगलवार को जिला प्रशासन व रेलवे के अधिकारी उज्जैन स्टेशन पर खड़े आइसोलेशन कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे। डीआरएम के अनुसार एक रैक में 20 कोच हैं, प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को रखा जा सकता है। आइसोलेशन कोच की ट्रेन को विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा।
उज्जैन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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जिले में रोजाना 200 से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, ऐसे में उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड खत्म हो गए हैं। सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि रेलवे से आइसोलेशन कोच की मांग की जाए। देर शाम को कलेक्टर आशीषसिंह ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। डीआरएम का कहना है कि उज्जैन में रेलवे का अस्पताल नहीं है। यहां रेलवे के आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की जा सकती है। उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन खड़ी है। मंगलवार को रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारी कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे।
रेलवे तैयार, विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ी कर देंगे ट्रेन
डीआरएम गुप्ता का कहना है कि रेलवे स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे के पास चार आइसोलेशन ट्रेन है। प्रत्येक ट्रेन में 20 कोच है। प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। एक कोच में दो आक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन कोचों में मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा सकता है।
डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है
डीआरएम के अनुसार रेलवे आइसोलेशन कोच देने को तैयार है। मगर रेलवे के पास डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इनकी व्यवस्था स्थानीय प्रशासन को ही करना होगी। उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों का खासा दबाव रहता है ऐसे में उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोचों वाली ट्रेन नहीं खड़ी की जा सकती। विक्रम नगर स्टेशन पर ट्रेन खड़ी की जा सकती है। वहां पर फिलहाल एक भी ट्रेन का स्टापेज नहीं है। वहीं उज्जैन से भी विक्रम नगर स्टेशन पास है।
कोच में रहेगी गर्मी, कूलर लगाना होंगे
आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन स्लीपर कोच से बनाई गई है। इन कोच में बाहर जितना तापमान रहता है उससे तीन से चार डिग्री अधिक तापमान रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए कोचों में कूलर लगाया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि कोच के लिए पानी, बिजली व चादर की व्यवस्था कर देगा लेकिन उनकी सफाई व कोच के शौचालय की सफाई भी स्थानीय प्रशासन को करना होगी।
आइसोलेशन कोच लेने वाला दूसरा शहर होगा उज्जैन
कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आइसोलेशन कोच लेने वाला उज्जैन दूसरा शहर होगा। डीआरएम गुप्ता के अनुसार महाराष्ट्र के नंदूबार शहर ने रेलवे से आइसोलेशन कोच मांगे है। वहां के कलेक्टर व रेलवे के बीच एमओयू साइन हो चुका है।
Jan 22 (07:52) बिना ट्रेन वाले दो स्टेशन:बड़े खर्चे के बाद भी रुका हुआ है सफर; इन दो नए स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुकती और न टिकट मिलते (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
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News Entry# 434483  Blog Entry# 4852879   
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Jan 22 2021 (07:52)
Station Tag: Chintaman Ganesh/CNN added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Jan 22 2021 (07:52)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Anupam Enosh Sarkar/401739
उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर विक्रमनगर स्टेशन और उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग पर चिंतामण स्टेशन अब नए स्वरूप में आ गए हैं। शहर के सबसे नजदीक इन दोनों स्टेशन का कायाकल्प हो गया है। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी।
सिंहस्थ 2016 में रेलवे ने चार फ्लैग स्टेशन बनाए थे। इसके बावजूद अधिकांश यात्री मुख्य स्टेशन पर ही आए। उन्होंने यहीं से वापसी भी की। ऐसे में रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दोनों स्टेशन के काम अंतिम दौर में हैं। भास्कर ने दो स्टेशन पर लॉकडाउन के पहले और बाद के हालात जाने। इससे पता चलता है कि नए स्टेशन तो बना दिए, लेकिन यहां ट्रेन नहीं चलाई जाने से उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
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बोर्ड को भेजा है प्रस्ताव
उज्जैन से इंदौर के लिए दोनों रूट पर लोकल ट्रेन चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि इसे जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। उसके बाद विक्रमनगर स्टेशन पर पहले की तरह ट्रेन रुकेंगी। उज्जैन-फतेहाबाद गेज परिवर्तन का काम पूरा हो गया है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी के निरीक्षण और टीप के बाद चिंतामन स्टेशन से भी ट्रेन गुजरेंगी।
-विनीत गुप्ता, डीआरएम
चिंतामण गणेश: 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन खड़ी होगी
ऐसी थी तैयारी
- उज्जैन-फतेहाबाद के बीच 22.90 किमी में ब्राॅड गेज का काम पूरा हो गया है। इसी रूट के पहला स्टेशन चिंतामण गणेश है। चिंतामण रेलवे स्टेशन पर दाे मंजिला भवन और 600 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया है। फरवरी 2014 से उज्जैन-फतेहाबाद के बीच रेल यातायात बंद है। यहां 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन आसानी से खड़ी हो सकेगी। एक प्लेटफॉर्म बनकर तैयार है। स्टेशन की दीवारों पर पूर्वाेत्तर के कलाकारों ने रंग-बिरंगे चित्र बनाए हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर से लेकर मेट्रो और फूल-पत्तियां बनाई हैं। इसके अलावा यहां इलेक्ट्रिफिकेशन भी किया है।
क्राउड कंट्रोल होगा- इस स्टेशन का नाम चिंतामण गणेश मंदिर के नाम पर रखा है। यहां आने वाले अधिकांश लोगों में श्रद्धालु होते हैं। उन्हें स्टेशन उतरते ही मंदिर जैसा आभास होगा। साथ ही सिंहस्थ-2028 में गुजरात, महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए फ्लैग स्टेशन मिल जाएगा।
बिन ट्रेन के स्टेशन- चिंतामण स्टेशन से 2014 में आखिरी ट्रेन गुजरी थी। तब स्टेशन का भवन पुराना था। यहां से उज्जैन-महू के साथ उज्जैन-अकोला और चित्तौड़गढ़ के लिए ट्रेन मिलती थी।
विक्रमनगर: बहुमंजिला स्टेशन तैयार, केवल एक ट्रेन रुक रहीऐसी थी तैयारी- उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर मुख्य स्टेशन के बाद पहला स्टेशन विक्रमनगर है। सिंहस्थ 2016 में इसके सामने से इनर रिंग रोड बनाया था। तभी से इसे नया रूप देने की योजना बनाई थी। रेलवे अफसरों के अनुसार यहां स्टेशन का काम पूरा हो गया है। सबसे बड़ा काम स्टेशन बिल्डिंग बनाने का है। पहले यहां एक प्लेटफॉर्म था। अब दो बनाए हैं। इसके अलावा एफओबी भी बनकर तैयार है। स्टेशन पर टिकट बुकिंग के साथ यात्री और रेलवे अफसर विश्राम भी कर सकेंगे। रेलवे अफसरों के अनुसार यह उज्जैन-इंदौर दोहरीकरण का ही हिस्सा है। जिस पर 700 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
क्राउड कंट्रोल होगा- उज्जैन के अलावा विक्रमनगर से भी इंदौर रूट की ट्रेनों में यात्रा की जा सकेगी। हालांकि अब तक रेलवे ने यह तय नहीं किया है कि विक्रमनगर स्टेशन पर कितनी ट्रेन रुकेंगी। पूर्व में यहां पैसेंजर ट्रेन रुकती थी। ट्रेन की संख्या बढ़ने से मुख्य स्टेशन पर दबाव कम होगा।
बिन ट्रेन के स्टेशन- लॉकडाउन से पहले इंदौर-नागदा, इंदौर-बिलासपुर, इंदौर-उज्जैन, नागदा-इंदौर, बिलासपुर-इंदौर और उज्जैन-इंदौर ट्रेन गुजरती थी। अब इंदौर-बिलासपुर है, पर टिकट नहीं मिलता।
Jan 04 (10:25) उज्जैन-कड़छा रूट पर ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी (www.naidunia.com)
WR/Western
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News Entry# 431614  Blog Entry# 4833346   
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Jan 04 2021 (10:25)
Station Tag: Matana Buzurg/MABG added by Siddharth Jain/720659

Jan 04 2021 (10:25)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Siddharth Jain/720659

Jan 04 2021 (10:25)
Station Tag: Karchha/KDHA added by Siddharth Jain/720659

Jan 04 2021 (10:25)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Siddharth Jain/720659
उज्जैन-कड़छा के बीच 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन की अनुमति मिल गई है। मंगलवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) आरके शर्मा ने सुबह 9 बजे से लेकर रात 8 बजे तक 11 घंटे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान बिजली संबंधी कुछ काम अधूरे मिल, जिसे जल्द पूरा करने को कहा गया। काम पूरे होने पर मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड को 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाया जाएगा। सीआरएस ने उज्जैन सी केबिन से कड़छा तक स्पेशल ट्रेन को 122 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से भी चलाकर देखा।
देवास-इंदौर रेल मार्ग के दोहरीकरण के पहले चरण का काम उज्जैन से कड़छा तक पूरा हो गया है। कुल 81 किलोमीटर का रेल मार्ग
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450 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण किया जाना है। इसमें से पहले चरण में 14 किलोमीटर का काम हो चुका है। मंगलवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) आरके शर्मा मुंबई से कार्य का निरीक्षण करने उज्जैन आए। सुबह करीब 9 बजे वह सड़क मार्ग से अन्य अधिकारियों के साथ कड़छा पहुंच गए थे। देर शाम 8 बजे तक सीआरएस ने कड़छा से लेकर उज्जैन सी केबिन तक सभी बिंदुओं पर निरीक्षण किया। इसमें रेलवे फाटक, पुल, पुलिया, पॉइंट, क्रासिंग को विशेष तौर पर देखा तथा पटरियों की भी जांच की।
सी केबिन से कड़छा तक चली सीआरएस स्पेशल
शाम करीब 7 बजे सीआरएस व डीआरएम विनित गुप्ता सहित अन्य अधिकारी सी केबिन पहुंचे। यहां से सीआरएस स्पेशल ट्रेन को इस मार्ग पर 122 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चलाकर देखा गया। इसके बाद वापस उज्जैन आए। निरीक्षण के बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन की हरी झंडी मिल गई। कड़छा व विक्रम नगर रेलवे स्टेशन पर पौधारोपण भी किया। सीआरएस आरके शर्मा, डीआरएम विनित गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान कड़छा व विक्रम नगर रेलवे स्टेशन परिसर में पौधारोपण भी किया।
यह होगी सुविधा
उज्जैन से इंदौर के बीच केवल एक ही ट्रैक होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन में दिक्कत होती थी। कई बार ट्रैक पर मालगाड़ी अथवा यात्री ट्रेन होने के कारण दूसरी ट्रेनों को देवास या फिर इंदौर में ही रोक दिया जाता था। दोहरीकरण होने के बाद अब इस ट्रैक पर ट्रेनों या फिर मालगाड़ी को रोकना नहीं पड़ेगा।

1 Public Posts - Mon Jan 04, 2021

31342 views
Jan 04 (10:33)
Saurabh®
Saurabhdubey_86^~   25853 blog posts
Re# 4833346-2            Tags   Past Edits
Ujjain fatehabad route ks crs 29th ko scheduled tha, uska kya hua?

31714 views
Jan 04 (10:33)
Guest: 2a426fd2   show all posts
Re# 4833346-3            Tags   Past Edits
Done. Thanks.
UJNC-KDHA Double electric line with MPS=80kmph.

30631 views
Jan 04 (10:36)
Siddharth Jain
RamganjMandi^~   7908 blog posts
Re# 4833346-4            Tags   Past Edits
Wo technical reason se postponed ho gya tha
Old tracks use kari thi inhone, ab shayd wo change hogi. Or jo machine hai wo abhi Kevadiya me kam kr rhi hai, to udher se free hoke idher aayegi. Fir idher ki tracks dubara change hogi. Fir CRS hoga.

30413 views
Jan 04 (10:41)
Saurabh®
Saurabhdubey_86^~   25853 blog posts
Re# 4833346-5            Tags   Past Edits
Matlab lage tracks ukhad ke fir naye lagayenge.usmein to kafi time lagega...

29895 views
Jan 04 (10:50)
Siddharth Jain
RamganjMandi^~   7908 blog posts
Re# 4833346-6            Tags   Past Edits
Reason to ye hi aaya tha
Pr time sirf 2 week ka bola tha
Mtlb pure route pr nhi hoga, sirf kuch part me hona hoga change
Dec 02 2020 (11:27) विक्रमनगर-कड़छा के बीच रेल मार्ग का दोहरीकरण पूरा (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
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News Entry# 426858  Blog Entry# 4799126   
  Past Edits
Dec 02 2020 (11:27)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Vikram Nagar/VRG  
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन-देवास-इंदौर रेल मार्ग दोहरीकरण का काम पहले चरण में विक्रमनगर-कड़छा के बीच पूरा हो गया है। 11 किलोमीटर लंबे मार्ग का 21 दिसंबर को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) निरीक्षण
करेंगे। इसके बाद इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी। कड़छा से इंदौर के बीच अब भी करीब 70 किलोमीटर काम बाकी है। इसे रेलवे ने वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कोरोना संक्रमण के कारण रेलवे प्रशासन ने इस काम पर रोक लगा रखी है।
बता दें कि उज्जैन-देवास-इंदौर
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के बीच 81 किलोमीटर रेल मार्ग को करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण किया जा रहा है। पहले चरण में उज्जैन-विक्रम नगर- कड़छा के बीच करीब 14 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन को शुरू करने के लिए जरूरी सीआरएस निरीक्षण करवाने की तैयारियां की जा रही हैं। 21 दिसंबर को सीआरएस उज्जैन आकर निरीक्षण करेंगे। सीआरएस के निरीक्षण के बाद ही ट्रेन संचालन को हरी झंडी मिलेगी। इसके लिए रेलवे अधिकारी प्री सीआरएस कामों को पूरा करने में लगे है।
कड़छा से इंदौर तक काम पूरा होने का इंतजार : रेलवे प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के कारण रेलवे प्रशासन ने सभी कामों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। कड़छा से इंदौर के बीच करीब 70 किलोमीटर काम को फिलहाल रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस काम को अगले साल से शुरू किया जाएगा। जिसे वर्ष 2022 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्री ट्रेनों व मालगाड़ियों को नहीं रोकना पड़ेगा : उज्जैन से इंदौर के बीच केवल एक ही ट्रैक होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन में दिक्कत होती थी। कई बार ट्रैक पर मालगाड़ी अथवा यात्री ट्रेन होने के कारण दूसरी ट्रेनों को देवास या फिर इंदौर में ही रोक दिया जाता था। दोहरीकरण होने के बाद अब इस ट्रैक पर ट्रेनों या फिर मालगाड़ी को रोकना नहीं पड़ेगा।
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