Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
dark mode

प्रयागराज एक्सप्रेस - जो भी हो तुम खुदा की कसम; लाजवाब हो

Full Site Search
  Full Site Search  
FmT LIVE - Follow my Trip with me... LIVE
 
Wed Dec 8 22:18:44 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips
Login
Post PNRAdvanced Search

JGR/Jaswantnagar (4 PFs)
جسونت نگر     जसवंतनगर

Track: Double Electric-Line

Show ALL Trains
National Highway 2, Jaswantnagar district Etawah
State: Uttar Pradesh

Elevation: 155 m above sea level
Zone: NCR/North Central   Division: Prayagraj (Allahabad)

No Recent News for JGR/Jaswantnagar
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 13
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  
Jan 17 (22:47) इटावा में घने कोहरे के बीच रेलवे ट्रैक पर पहुंचे गोवंश से टकराई, आठ की मौत (www.jagran.com)
Major Accidents/Disruptions
NCR/North Central
0 Followers
14372 views

News Entry# 433792  Blog Entry# 4848377   
  Past Edits
Jan 17 2021 (22:47)
Station Tag: Jaswantnagar/JGR added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Jaswantnagar/JGR  
संवाद सहयोगी, जसवंतनगर (इटावा) : दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर रविवार शाम हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते बची। अचानक रेलवे ट्रैक पर पहुंचे गोवंश में आठ की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन घायल हो गए। हादसा खंभा नंबर 1176/10 और 1176/11 के बीच जसवंतनगर रेलवे स्टेशन से पहले हुआ।
दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर जसवंतनगर और बलरई रेलवे स्टेशन के बीच घने कोहरे के दौरान डाउन ट्रैक पर घूम रहे गोवंश रविवार शाम हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। बताते हैं कि गेट संख्या 37 के पूर्वी तरफ तमेरा की मड़ैया गांव है। उसी ओर से अचानक बड़ी संख्या में गोवंश आए। घना कोहरा होने के कारण वह ट्रैक पर पहुंच गए। घटना के बाद हावड़ा
...
more...
राजधानी एक्सप्रेस करीब आधा घंटा तक रुकी रही। रेलकर्मियों ने इंजन में फंसे गोवंश के शवों को निकालकर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया। देर शाम रेलवे के गैंगमैन ट्रैक पर पहुंचकर सफाई करते रहे। ग्रामीणों से मामले की जानकारी पाकर एसडीएम ज्योत्सना बंधु मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि ट्रेन की चपेट में आकर आठ गोवंश की मौत हुई है। घायल आधा दर्जन गोवंश जसवंतनगर गोशाला में इलाज के लिए भेजे गए हैं। पशु पालन विभाग के डॉक्टरों को उचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
Dec 14 2020 (08:10) ट्रैक पर पशु आने से स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस रुकी (www.amarujala.com)
Major Accidents/Disruptions
NCR/North Central
0 Followers
20251 views

News Entry# 428422  Blog Entry# 4812178   
  Past Edits
Dec 14 2020 (08:10)
Station Tag: Jaswantnagar/JGR added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Jaswantnagar/JGR  
जसवंतनगर। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर रविवार की दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली की ओर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुपर फास्ट एक्सप्रेस की चपेट में एक छुट्टा पशु के आने से ट्रेन को करीब 5 मिनट तक रोकना पड़ा। स्थानीय रेलवे अधिकारियों के अनुसार जसवंतनगर-बलरई स्टेशनों के मध्य गेट संख्या 37 के पश्चिमी ओर रेलवे ट्रैक पर दिल्ली जा रही स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस की चपेट में आने से पशु की मौत हो गई। इस वजह से ट्रेन करीब 5 मिनट तक खड़ी रही। ट्रेन के लोको पायलट ने इंजन का परीक्षण करने और संतुष्ट होने के बाद ट्रेन की आगे की रवानगी हुई। (संवाद)

Rail News
18379 views
Dec 14 2020 (08:12)
Guest: 7fffdda3   show all posts
Re# 4812178-1            Tags   Past Edits
Swatantrata sangram senani?
Or swatantrata senani?

16628 views
Dec 14 2020 (09:27)
AJ®
amit1407^~   14670 blog posts
Re# 4812178-2            Tags   Past Edits
गांजा खींचकर कर न्यूज़ लिखने का असर है 🤣
Jun 26 2019 (09:14) अब टाइम पर पहुंचेंगी लेट हो रही ट्रेनें, रेलवे विभाग ने लिया बड़ा फैसला, इन 5 रूटों पर हो रहा ऐसा निर्माण (www.patrika.com)
New Facilities/Technology
NCR/North Central
0 Followers
62727 views

News Entry# 385127  Blog Entry# 4351901   
  Past Edits
Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Makkhanpur/MNR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Jaswantnagar/JGR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Sarai Bhopat/SB added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Ambiapur/AAP added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Bhaupur/BPU added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Khurja Junction/KRJ added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Etawah Junction/ETW added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Pt. DD Upadhyaya Junction (Mughalsarai)/DDU added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jun 26 2019 (09:14)
Station Tag: Ghaziabad Junction/GZB added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
दिनेश शाक्य.इटावा । रेलवे ट्रैक पर मवेशियों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जिससे रेल यात्रा भी प्रभावित हो रही हैं। देश के सबसे अहम दिल्ली-हावडा रेलवे मार्ग पर भी आए दिन मवेशी दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अब इस पर विराम लगाने के लिए गाजियाबाद से मुगलसराय तक सीमेंट की मजबूत चाहरदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मुगलसराय से गाजियाबाद तक रेलवे ट्रैक पर स्लीपर बारबेड वायर से जहां फेनशिंग की जाएगी । वहीं आबादी वाले क्षेत्रों में आरसीसी बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी कराया जाएगा। इटावा सेक्शन में फर्रूखाबाद क्रासिंग के पास आबादी वाले क्षेत्र में आरसीसी बांउड्रीवाल बनाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने मुगलसराय से गाजियाबाद तक के क्षेत्र में उन संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है, जहां पर आए दिन ट्रेनों से कैटल रन ओवर की घटनाएं होती हैं। खुरजा से इटावा सेक्शन में सर्वाधिक घटनाएं कैटल रन...
more...
ओवर की हुईं हैं। वहीं इटावा से भाऊपुर का क्षेत्र भी संवेदनशील श्रेणी में आता है।ये भी पढ़ें- मायावती ने मुलायम पर लगाए उन्हें फंसाने का आरोप, अखिलेश को कह दिया यह, बैठक में हुई बातें आईं सामने, मचा हड़कंपदिल्ली हावडा रेलमार्ग पर बन रही है चाहदीवारी-दिल्ली हावडा रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्रीवाल बनाने का काम तेजी से शुरू हो गया है । टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है। इलाहाबाद डिवीजन के पांच खंडों में बाउंड्रीवाल बनाने का कार्य शुरू किया गया है । सबसे पहले 40 किलो मीटर की बाउंड्रीवाल पांचों खंडों में बनाई जाएगी । इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा। जिसके लिए 250 करोड रुपए का खर्च आएगा।ये भी पढ़ें- स्मृति इरानी का यह रूप नहीं देखा था किसी ने, मंच पर हुआ ऐसा कि डिप्टी सीएम भी रह गए हैरान, इस खबर से मचा हड़कंपपांच चरणों में होगा कार्यपांच चरणों में बाउंड्रीवाल बनाने का काम किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की टीमें भी बनाईं गईं हैं। पहले चरण में मुगलसराय से इलाहाबाद, दूसरे चरण में इलाहाबाद से कानपुर, तीसरे चरण में कानपुर से टूंडला, चौथे चरण में टूंडला से अलीगढ़ तथा पांचवें चरण में अलीगढ़ से गाजियाबाद तक कार्य कराया जाएगा।ये भी पढ़ें- चुनाव के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राजनाथ सिंह हुए भावुक, मांगी माफी, फिर सपा व बसपा पर दिया बड़ा बयानसबसे व्यस्त है दिल्ली हावडा रेलमार्ग-हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक देश के सबसे व्यस्तम रेलवे ट्रैक में शामिल है । सबसे ज्यादा यात्री ट्रेनों के साथ माल गाड़ियां भी इसी ट्रैक पर चलतीं है । ट्रेनों की लेटलतीफी का एक प्रमुख कारण आए दिन रेलवे ट्रैक पर पशुओं का कटना है। इसी कारण ट्रेनों का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
प्रतिदिन 10 से 12 मवेशियों की होती है मौत-रेलवे आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन 10 से 12 पशु ट्रेनों की चपेट में आने से दम तोड़ देते हैं।जिससे ट्रेनों का संचालन बिगड़ जाता है। ट्रेनें समय से चलतीं है, लेकिन अपने गंतव्य स्थान पर देरी से पहुंचती है । रेलवे बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए व ट्रैक के आसपास घूमने वाले पशुओं को यहां पहुंचने से रोकने के लिए ट्रैक के किनारे आरसीसी से निर्मित बाउंड्रीवाल बनाने का फैसला लिया था।ये भी पढ़ें- शिवापल के उपचुनाव न लड़ने पर आई बहुत बड़ी खबर, प्रसपा लोहिया ने बनाई यह रणनीति, मुलायम हैरानयहां-यहां होगा निर्माण-सीपीआरओ सुनील गुप्ता का कहना है कि रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्रीवाल बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। इलाहाबाद डिवीजन के पांच खंडों में बाउंड्रीवॉल बनाने का कार्य होना है । सबसे पहले 40-40 किलो मीटर की बाउंड्रीवाल पांचों खंडों में बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा। पहले चरण में मुगलसराय से इलाहाबाद, दूसरे चरण में इलाबाद से कानपुर, दूसरे चरण में कानपुर से टूंडला, चौथे चरण में टूंडला से अलीगढ़ तथा पांचवें चरण में अलीगढ़ से गाजियाबाद तक कार्य कराया जाएगा।यह भी पढ़ें- उपचुनावों की समय सारिणी हुई जारी, इस तारीख को होगा नामांकन, मतदान, इस दिन आएंगे नतीजेरेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के मुताबिक इटावा सेक्शन में अम्बियापुर से सरायभूपत तक 22 किलो मीटर की आरसीसी बाउंड्रीवॉल बनाई जाएगी वहीं अन्य 22 किलो मीटर क्षेत्र में स्लीपर बारबेड वायर फेनशिंग भी की जाएगी । यहां के बाद जसवंतनगर से मक्खनपुर के क्षेत्र में इसी प्रकार का काम होगा। इटावा में फर्रुखाबाद रेलवे क्रासिंग के पास आबादी वाले क्षेत्र में आरसीसी बाउंड्रीवॉल का काम शुरू हो गया है। लगभग 5 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही है।वंदेभारत हाईस्पीड लेकर है चिंता- रेलवे के उच्चाधिकारियों के लिए देश की पहली सेमीहाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद कैटल रन ओवर की जहां कई घटनाएं हो चुकी है वहीं अराजकतत्वों द्वारा इस पर कई बार पथराव भी किया जा चुका है। इटावा में इस ट्रेन की सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं है। सेमीहाईस्पीड ट्रेन की सुरक्षा को लेकर अधिकारी ज्यादा चिंतित है।
Nov 15 2018 (07:37) सुविधाओं को तरस रहा जसवंतनगर रेलवे स्टेशन (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
NCR/North Central
0 Followers
20633 views

News Entry# 368792  Blog Entry# 4005829   
  Past Edits
Nov 15 2018 (07:37)
Station Tag: Jaswantnagar/JGR added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739
Stations:  Jaswantnagar/JGR  
संवाद सहयोगी, जसवंतनगर : स्थानीय रेलवे स्टेशन पर असुविधाओं के चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्टेशन पर न तो यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त शेड हैं और न ही यात्रियों के लिए पीने का पानी। रेलवे स्टेशन पर शौचालय की सुविधा नही है। अव्यवस्थाओं की अनदेखी से रेलवे प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिये मूलभूत सुविधा उपलब्ध नही है। पिछले कई दशकों से स्थानीय रेलवे प्लेटफार्म की दशा काफी खराब है। नगर पालिका की उदासीनता के चलते रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के लिए रास्ता उचित नही है। स्टेशन पर जाने वाले मुख्य मार्ग पर गंदगी के ढेर व पशुओं की भरमार है। रेलवे परिसर प्रवेश करते ही आपको मवेशियों के द्वारा फैलायी गयी गंदगी दिख जाएगी, दूसरी ओर प्लेटफार्म पर पानी व शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय अंधकार व गंदगी का साम्राज्य बना...
more...
हुआ है। प्लेटफार्म पर किसी प्रकार का शौचालय नही है। जिससे यात्रियों को परेशानी के साथ रेलवे कर्मी तक परेशान हैं जबकि भारत सरकार की ओर से देशव्यापी स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद रेलवे स्टेशन पर शौचालय निर्माण नहीं हो सका। ऐसे में महिला एवं पुरुष यात्री खुले में शौच करने को विवश होते हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते गाड़ियों का इंतजार करते वृद्ध/वरिष्ठ नागरिक, बीमार यात्रियों, महिलाओं एवं बच्चों समेत समस्त यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि प्लेटफार्मों पर पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कहने को हैंडपंप लगे हैं लेकिन वे पानी कम बालू ज्यादा और घंटों चलाने पर बमुश्किल थोड़ा बहुत पानी ही देते हैं। इतने में गाड़ी छूटने का भय रहता है। क्षतिग्रस्त और असमतल हो रही फर्श प्लेटफार्म पर आगे की ओर फर्श बना हुआ है जो कि उबड़-खाबड़, क्षतिग्रस्त हो रहा है। इसी स्थान पर जनरल बोगियां खड़ी होती हैं, जहां से आवागमन अधिक होता है। ऐसे में जल्दबाजी में यात्री कई बार चोटिल हो जाते हैं। कई स्थानों के बीच गड्ढे हो रहे हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ट्रेन पकड़ने के चक्कर में यात्री इनका ध्यान नहीं रखते हैं, जिससे वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
प्लेटफार्म पर लगे पंखे रहते हैं बंद : गाड़ियों का इंतजार करने के लिए यात्रियों को टिन शेड के नीचे गर्मी में ही बैठना पड़ता है। तीन व चार प्लेटफार्म के शेड में पंखे तो लगे हुए हैं, लेकिन यह बंद रहते हैं। ऐसे में यात्रियो को गर्मियों में घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। जिससे यात्रियो को खासी परेशानियां होती हैं। प्लेटफार्म के सुंदरीकरण व उच्चीकरण के नाम पर लाखों की धनराशि खर्च की गई लेकिन यहां के हालात देखे जाएं तो कुछ लगी कुर्सियों में एक भी कुर्सी यात्रियों के उपयोग में नहीं आ रहीं हैं।
रेलवे स्टेशन पर गंदगी से लोग परेशान : स्टेशन पर सफाई की ठोस व्यवस्था नहीं है। प्लेटफॉर्म, परिसर व रेलवे ट्रैक पर गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। चाहे प्लेटफॉर्म हो या फिर रेलवे ट्रैक और तो और लोगों के बैठने तक की जगह के पास भी गंदगी ही नजर आती है। वैसे तो यह स्टेशन दो पूर्व मुख्यमंत्री, छह से ज्यादा सांसद व विधायकों का गृह क्षेत्र व चुनावी क्षेत्र होने पर वीआइपी इलाके का हिस्सा है। लेकिन यहां वीआइपी जैसी कोई सुविधा दिखाई नही पड़ती। स्टेशन पर कैंटीन की कोई सुविधा मौजूद नहीं है।
Sep 29 2018 (20:26) मालगाड़ी का इंजन फेल, ढाई घंटे दिल्ली-हावड़ा डाउन ट्रैक ठप (www.jagran.com)
Major Accidents/Disruptions
NCR/North Central
0 Followers
20271 views

News Entry# 361688  Blog Entry# 3852659   
  Past Edits
Sep 29 2018 (20:27)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739
इटावा (जेएनएन)। दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार सुबह मालगाड़ी का इंजन फेल होने से डाउन ट्रैक ढाई घंटे तक ठप रहा। इस दौरान ब्रह्मपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुईं। कड़ी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को लूपलाइन पर लाकर ट्रेनों का परिचालक सामान्य किया गया। रेलवे यातायात निरीक्षक डीएस मीणा ने बताया कि इंजन में खामी आने तकरीबन ढाई घंटे तक ट्रैक प्रभावित रहा। 
एक के पीछे एक खड़ी होती गईं गाड़ियां
जसवंतनगर रेलवे स्टेशन पर लूपलाइन पर खड़ी डीएन 50 दादरी-मुगलसराय मालगाड़ी सुबह  3.30 बजे रवाना की गई। डाउन ट्रैक पर
...
more...
थोड़ी दूर चलने के बाद ही इसका इंजन फेल हो गया। लोको पायलट ने सहायकों के साथ चेक करके इसे चलाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इससे दिल्ली से कानपुर जा रही ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस को 3.52 बजे जसवंतनगर पर रोका गया। उसके पीछे आ रही अन्य गाडिय़ां भी एक के बाद एक खड़ी होती चली गईं। समस्या ये थी कि मैन लाइन पर खड़ी मालगाड़ी को हटाया कैसे जाए। ऐसे में ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के इंजन को ही मालगाड़ी के पीछे लगाकर काफी धीमी गति से सराय भूपत रेलवे स्टेशन तक लाया गया। यहां लूप लाइन पर मालगाड़ी को खड़ा करने के बाद इंजन वापस ब्रह्मपुत्र में लगा। इस प्रक्रिया में सुबह छह बज गए। छह बजकर पांच मिनट पर सबसे पहले ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस को रवाना किया। इसके बाद एक-एक कर जसवंतनगर के पश्चिमी आउटर पर खड़ी श्रमशक्ति सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बलरई तथा शिकोहाबाद में खड़ी दो मालगाड़ी, भदान में खड़ी शिकोहाबाद-कानपुर पैसेंजर व शिकोहाबाद में खड़ी कोटा-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रवाना किया गया।
30 मिनट में दुरुस्त होगा ट्रेन का पहिया
संसाधनों की दृष्टि से कानपुर का रेलवे तंत्र लगातार मजबूत होता जा रहा है। आधुनिक वाशिंग लाइन और लांड्री के बाद अब रेल का पहिया रिपेयर करने वाली व्हील लेथ मशीन की सौगात मिल गई है। इसकी मदद से अब तीन दिन में पूरा होने वाला काम 30 मिनट में पूरा होगा। ट्रेन चलने के दौरान पहिए और पटरी में घिसाव होता है। इसकी वजह पटरी के साथ पहिया भी क्षतिग्रस्त होता है। कई बार पहिए की मरम्मत जरूरी होती है। घिसा हुआ पहिया ट्रेन की रफ्तार प्रभावित करता है। अभी तक मरम्मत के लिए कोच को वाशिंग लाइन में ले जाकर पहले पहिया निकाला जाता है। इसके बाद उसे मरम्मत के लिए जीएमसी भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन दिन लग जाता है। इसकी वजह से तब तक कोच यूं ही निष्प्रयोज्य खड़ा रहता है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी 
चीफ डिपो अफसर (सीडीओ) राहुल चौधरी ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने कानपुर में व्हील लेथ मशीन लगाने को हरी झंडी दे दी है। इस मशीन को स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और काम शुरू हो गया है। वाशिंग लाइन के पास मशीन स्थापित की जाएगी। पूरी योजना सात करोड़ रुपये की है। इसमें पूरा कोच मशीन के अंदर इंट्री कराया जाएगा और 30 मिनट के अंदर सभी क्षतिग्रस्त पहियों को ठीक कर दिया जाएगा। इस मशीन के लग जाने के बाद वाशिंग लाइन में अधिक कोच की उपलब्धता रहेगी। सीडीओ के मुताबिक उत्तर मध्य रेलवे में यह सुविधा कानपुर के साथ ही इलाहाबाद को भी दी गई है।
रोज ठीक कराए जाते पांच पहिए 
सीडीओ के मुताबिक, औसतन पांच पहियों को मरम्मत के लिए निकाला जाता है। अमूमन इतने ही कोच तीन दिनों के लिए बेकार हो जाते हैं। नई तकनीक मिलने के बाद इनका प्रयोग तत्काल ही किया जा सकेगा।
Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy