Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

Ammi Jaan kahti thi Railfanning se bada koi dharm nhi hota or koi Railfan chhota nhi hota - Shanzil Kabir

Full Site Search
  Full Site Search  
 
Fri Jan 22 12:30:23 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Post PNRAdvanced Search

JRI/Jharia
     झरिया

Track: Construction - New Line

Show ALL Trains
jharia
State: Jharkhand

Elevation: 187 m above sea level
Zone: ECR/East Central   Division: Dhanbad

No Recent News for JRI/Jharia
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: n/a
Number of Halting Trains: 0
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  
Sep 13 2020 (19:45) हद हो गई : उखाड़ दी रेल पटरी, बसा ली बस्ती (www.jagran.com)
Other News
ECR/East Central
0 Followers
10942 views

News Entry# 418290  Blog Entry# 4714867   
  Past Edits
Sep 13 2020 (19:45)
Station Tag: Dhansar/DQS added by 03307 The First ECR Train to Hit 130 in GC/1490219

Sep 13 2020 (19:45)
Station Tag: Jharia/JRI added by 03307 The First ECR Train to Hit 130 in GC/1490219

Sep 13 2020 (19:45)
Station Tag: Dhanbad Junction/DHN added by 03307 The First ECR Train to Hit 130 in GC/1490219
धनबाद : रांगाटांड़ की रेलवे लाइन की बात करें तो यहां दोनों किनारों पर झुग्गियां बसी हैं। बावजूद बंद हो चुकी झरिया रेल लाइन की कहानी इतर है। यहां पटरी के आसपास तो छोड़िए, उसके ऊपर भी मकान बन चुके हैं। और तो और करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की रेल पटरी, सिग्नल पोल व अन्य सामग्री तक लोग रातोंरात उखाड़ ले गए। रेल पटरी की जगह घर बना लिया है तो अंदर डर भी है, सो घरों की छतें पक्की नहीं बनाई गई है। 2002 में बंद हुई झरिया रेल लाइन की जमीन पर पार्क बनाने की तैयारी दो साल पहले हुई थी। तत्कालीन डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी ने नगर निगम से बातचीत की थी। रेलवे की पहल पर नगर निगम पार्क बनाने को राजी हो गया था। वहां रहने वालों को जमीन खाली करने के लिए नोटिस दिया गया। इसके बाद भी जब वहां बसे लोग हटने को राजी...
more...
नहीं हुए तो रेलवे ने जिला प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने की तैयारी की। मामला हाई क ोर्ट पहुंच गया। वहां बताया गया 183 परिवार वर्ष 1944 से रह रहे हैं। बिजली बिल और नगर निगम को टैक्स भी चुकाया जाता है। इसलिए नहीं उजाड़ा जाए। रेलवे ने दावा किया कि झरिया रेल लाइन की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1914 में किया गया था। जब हाईकोर्ट ने रेलवे को दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए तो रेलवे कागजात न्यायालय के समक्ष पेश नहीं कर सकी। नतीजा हाई कोर्ट ने स्टे दे दिया। हैरतअंगेज बात ये कि हाई कोर्ट ने सिर्फ 183 परिवार को नहीं उजाड़ने के लिए स्टे आर्डर दिया। बावजूद इसका फायदा भूमाफिया उठाने लगे। नतीजा आज दो हजार से ज्यादा झोपड़ी, दर्जनों माल गोदाम और खटाल बन गए हैं।
बैंक मोड़ शांति भवन के पीछे हर ओर दिखते खटाल शहर के पॉश इलाके में शुमार बैंक मोड़ के शांति भवन के पीछे झरिया रेल लाइन के इर्द-गिर्द जहां तक नजर जाएगी, सिर्फ खटाल ही दिखेंगे। रेलवे के ढुलमुल रवैये से करोड़ों की जमीन पर कब्जा होता गया। न इंजीनियरिग विभाग और न आरपीएफ ने कभी रोकने की कोशिश की। 2002 में भूमिगत आग के कारण बंद हुई थी रेलवे लाइन : धनबाद झरिया रेल लाइन को वर्ष 2002 में भूमिगत आग का खतरा बताकर बंद किया गया था। उसके बाद बीसीसीएल ने कोयला खनन के लिए रेलवे से जमीन लीज पर ली थी। दो दशक बाद भी कोयला नहीं निकाला जा सका। हां झरिया रेल लाइन का अस्तित्व समाप्त हो गया। जहां के लिए करोड़ों का फंड सिर्फ वहीं खाली होती है जमीन
धनबाद : जमीन पर कब्जा और उसे मुक्त कराने को लेकर भी रेलवे में दो सिस्टम दिखते हैं। दरअसल ऐसी जगह का अतिक्रमण जहां रेलवे का प्रोजेक्ट स्वीकृत है और करोड़ों के फंड मिल रहा है वहां से अवैध कब्जे हटाने को रेलवे ताकत झोंक देती है। जहां प्रोजेक्ट नहीं स्वीकृत है वहां की जमीन का अतिक्रमण देख कर भी रेल अधिकारी आंखें बंद कर लेते हैं। और स्कूल से ले ली जमीन वापस : पुराना बाजार डीएवी स्कूल से सड़क निर्माण के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। डायमंड क्रासिंग के पास 12 करोड़ से सबवे भी प्रस्तावित है। मामला करोड़ों का था। सो रेलवे ने पूरी ताकत झोंक दी। दशकों पहले डीएवी स्कूल प्रबंधन को लीज पर दी गई जमीन को छीन लिया। यहां तोड़ दीं फुटपाथ की दुकानें : धनबाद रेलवे स्टेशन के सामने के हिस्से का सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट पास हुआ। इसमें तकरीबन ढाई करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यहां भी मामला करोड़ों का है। बस रेलवे यहां भी रेस हुई। अतिक्रमण कर बनाई गई सारी फुटपाथ की दुकानों को तोड़कर हटा दिया गया। मॉडल कॉलोनी के लिए तोड़ दिए अवैध कब्जे : रांगाटांड़ रेलवे कॉलोनी को तीन करोड़ खर्च कर मॉडल कॉलोनी बनाने की योजना थी। यहां भी तकरीबन 300 अवैध कब्जे तोड़ कर हटा दिए गए। हालांकि बाद में कोरोना काल के चलते फंड की कमी के कारण इस प्रोजेक्ट को फिलहाल रोक दिया गया। यहां मिली योजना तो हटा दिए 700 कब्जे : गोमो रेलवे स्टेशन को करोड़ों खर्च कर नए सिरे से विकसित किए जाने की योजना बनी है। यहां स्टेशन के आसपास तकरीबन 700 से ज्यादा दुकानें थीं। योजना बनी तो फंड भी तय हुआ। बस इन दुकानों को तोड़कर हटा दिया गया। यहां भी अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने में रेलवे ने पूरी ताकत झोंकी। नतीजा सार्थक आया। यानी रेलवे चाह ले तो अवैध कब्जा हटाना मुश्किल नहीं। अतिक्रमणकारियों को मिलता नेताओं का साथ : रेलवे की जमीन पर कब्जा करने वाले वोटर हैं। उन्हें अपना वोट बैंक बनाने के लिए राजनीतिक पार्टियां उनका साथ देती रहीं और अपना काम निकालती रहीं। रेलवे की जमीन पर कब्जे को उन्होंने अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल कर दिया। नतीजा राजनीतिक हस्तक्षेप होने के कारण रेलवे को अवैध कब्जा हटाने से कई बार हाथ खींचने पड़े। रांगाटांड़ रेलवे कॉलोनी से कब्जा खाली कराए जाने को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप किया। बाद में डीएवी स्कूल मैदान को खाली कराने के दौरान भी सांसद और विधायक दोनों रेलवे के विरोध में खड़े रहे। दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने इसे मुद्दा बनाया तो सियासत होती रही। Posted By: Jagranडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Nov 29 2018 (07:56) दिल्ली मेट्रो की चपेट में आने से झरिया के युवक की माैत (m.jagran.com)
Major Accidents/Disruptions
DMRC/Delhi Metro
0 Followers
8325 views

News Entry# 370227  Blog Entry# 4051399   
  Past Edits
Nov 29 2018 (07:56)
Station Tag: Jharia/JRI added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Nov 29 2018 (07:56)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by Adittyaa Sharma^~/1421836
Stations:  New Delhi/NDLS   Jharia/JRI  
राैैकन रविवार की रात दिल्ली में मेट्रो ट्रेन पर चढ़ रहा था। इस दाैरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया। जख्मी हाल में स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रौनक की मौत की सूचना दिल्ली पुलिस ने उसके पिता अनिल को दी। मंगलवार को शव को दिल्ली से धनसाल लाया गया। बस्ताकोला मुक्तिधाम में रौनक का अंतिम संस्कार किया गया। काफी संख्या में उनके परिजन, रौनक के मित्र, मारवाड़ी समाज के लोग और झरिया के व्यवसायी शामिल हुए। अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य महेंद्र भगानिया, मारवाड़ी सम्मेलन झरिया के अध्यक्ष डॉ ओपी अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच के अजय अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, विनोद अग्रवाल आदि ने रौनक की मौत पर गहरा दुख जताया है।
Aug 09 2018 (18:22) पूरा रेलवे स्टेशन हुआ चोरी, कहीं रेलवे ट्रैक पर लोग कर रहे खेती, तो कहीं कमरे में बांध रहे मवेशी (newswing.com)
Other News
ECR/East Central
0 Followers
9750 views

News Entry# 350285  Blog Entry# 3697754   
  Past Edits
Aug 09 2018 (18:23)
Station Tag: Dhanbad Junction/DHN added by 🔥13329🌟The Sleep Killer🌟13330🔥^~/1490219

Aug 09 2018 (18:23)
Station Tag: Jharia/JRI added by 🔥13329🌟The Sleep Killer🌟13330🔥^~/1490219
Stations:  Dhanbad Junction/DHN   Jharia/JRI  
Dhanbad : आपने चोरी की कई घटनाएं सुनी होगी, शायद देखा भी हो, लेकिन क्या आपने कभी सुना है की चोरों ने पूरा का पूरा रेलवे स्टेशन ही चुरा लिया हो ? चौंकिये मत, ये बात सोलह आने सच है. झारखंड के धनबाद में धनबाद-झरिया-सिंदरी रेल मार्ग पर आने वाले कई स्टेशनों का अस्तित्व ही चोरों ने समाप्त कर दिया है. इतना ही नहीं इन रेलवे स्टेशनों के कमरों में मवेशी बांधे जाते हैं.
अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित कर बंद किए गए स्टेशन
धनबाद का झरिया, जो कभी राज-रजवाड़ों का शहर हुआ करता
...
more...
था. आज झरिया कोयलांचल के नाम से प्रसिद्ध है. दरअसल इस धरती के गर्भ में कोयले की मौजूदगी का पता सर्वप्रथम यहां राज कर रहे अंग्रेजों ने लगाया और उसका दोहन शुरू किया. जिसके बाद कोयले की ढुलाई के लिए अंग्रेजो ने ही 1905 में यहां रेलवे लाइन का निर्माण कराया. आजादी के बाद भारतीय रेल ने इस रेल लाइन को और विकसित करते हुए इसे धनबाद-झरिया-सिंदरी रेल लाइन में विकसित कर दिया. जिसके बाद इस रेल मार्ग पर रोजाना दर्जनों छोटी-बड़ी ट्रेनें दौड़ने लगी. लेकिन यहां कोयला उत्खनन कर रही कोयला कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने इस क्षेत्र को अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए रेल प्रशासन को एक पत्र लिखा और यह रूट बंद करने का अनुरोध किया. जिसके बाद 2004-2005 में इस रेल मार्ग को रेलवे ने बंद कर दिया.
क्या है स्टेशनों का हाल
इसके बाद इस रेल रूट पर आने वाले कई स्टेशनों पर लूट मच गई. लेकिन इसकी परवाह ना तो रेल अधिकारियों ने की और ना ही सुरक्षा के लिए जवाबदेह एजेंसियों ने. देखते ही देखते धनसार, झरिया सहित कई रेलवे स्टेशनों के नामोनिशान तक गायब कर दिए गए. धनबाद से धनसार जाने वाले रेल रूट पर खेती की जा रही है और धनसार स्टेशन पर लोगों ने दुकानें खोल दी है. यही नहीं, धनसार स्टेशन से होकर गुजरने वाली रेलवे ट्रैक भी चोरी हो गई. कई स्थानों पर तो ट्रैक के किनारे लगे खंभे, फाटक, सिग्नल लाइट्स समेत कई महंगे उपकरण और कीमती पार्ट्स भी लोगों ने बेच दिया. कह सकते हैं कि करोड़ों रुपये की संपत्ति सुनियोजित तरीके से गायब कर दी गई. वहीं एक स्थानीय अशोक कुमार ने बताया कि झरिया स्टेशन तो बंद होने के साथ ही उजड़ गया था. लेकिन स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज, यात्री शेड, रेलवे ट्रैक जैसे कई पुराने अवशेष बचे हुए थे, लेकिन कुछ ही दिनों में लोगों ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा की कमी का फायदा उठाते हुए वहां मौजूद रेलवे का सारा सामान गायब कर दिया. रेलवे के आॅफिस में मवेशी फाॅर्म खोल लिए गए. लोदना स्टेशन पर भी ऐसी चोरी जारी है. एक अनुमान के मुताबिक स्टेशन पर लोहे के सामान की अनुमानित कीमत 50 करोड़ से अधिक की थी. लेकिन आज वह स्टेशन परिसर खंडहर में तब्दील हो चुका है.
क्या कहना है जन संपर्क पदाधिकारी का
यहीं पास में रहने वाले बिहारी लाल चौहान ने बताया कि ऐसा नहीं है की बंद हो चुके इस झरिया स्टेशन से रेलवे का हर नाता टूट चूका है और वो यहां से अपना मुह मोड़ चुके हैं. झरिया के इसी खंडहर हो चुके रेलवे स्टेशन के दूसरी दिशा में रेलवे का आरक्षण काउंटर चल रहा है. जहां से रोजाना सैकड़ो यात्रियों को आरक्षित रेलवे सीट दी जा रही है. लेकिन चोरों और अतिक्रमणकारियों का कारनामा यहां आने वाले किसी भी रेल अधिकारियों को ना तो दिखलाई देती है और ना ही उनके कारनामों के किस्से सुनाई देती है. वहीं धनबाद रेल मंडल के जन संपर्क पदाधिकारी कि माने तो 2004-2005 में जब इन रेल स्टेशनों को बंद किया गया था, तभी यहां के सभी सामानों की नीलामी कर दी गयी थी, साथ ही उन्होंने कहा कि यदि इसके बावजूद वहां अपराधियों या अतिक्रमणकारियों ने उत्पात मचाया है, तो उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्यवाई की जाएगी.
Aug 08 2018 (07:17) होरिलाडीह रेलवे लाइन पर मिला युवती का कटा हुआ शव (www.livehindustan.com)
IR Affairs
ECR/East Central
0 Followers
8305 views

News Entry# 350002  Blog Entry# 3693366   
  Past Edits
Aug 08 2018 (07:17)
Station Tag: Jharia/JRI added by a2z~/1674352
Stations:  Jharia/JRI  
भागा गोमो रेलवे लाइन पर होरिलाडीह आउटर सिग्नल के समीप रविवार की सुबह अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया। शव को बोर्रागढ़ पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवती का बायां पैर ट्रेन से कट गया है। युवती की पहचान नहीं हो पाई है।
बताते हैं कि सुबह 4:15 गोमो से भागा की ओर जा रही निलांचल एक्सप्रेस के चालक ने भागा स्टेशन मास्टर को सूचना दी कि होरिलाडीह आउटर सिग्नल के पास एक युवती का शव पड़ा हुआ है। स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना गेट मैन निहालुद्दीन को दी। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों को भेज दिया। आउटर सिग्नल के समीप होने के कारण बोर्रागढ़ ओपी पुलिस को भी सूचना दी गई। सुबह सात बजे बोर्रागढ़ पुलिस ने शव
...
more...
को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रेन से कटकर युवती ने जान दी है। युवती कहां की थी, पता नहीं चल पाया है। वेशभूषा और पहनावा से किसी बंजारा जैसी लग रही थी। आसपास में ठहरे बंजारों से भी पुलिस पता लगा रही है। पुलिस ने यूडी केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है या हत्या कर वहां शव फेंका गया था। मौत के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
Jun 24 2018 (09:34) बंद हो चुके धनबाद-झरिया रेल मार्ग के दोनाें ओर अतिक्रमणकारियों का कब्जा (www.railnews.in)
Crime/Accidents
ECR/East Central
0 Followers
8673 views

News Entry# 342734  Blog Entry# 3567422   
  Past Edits
Jun 24 2018 (09:34)
Station Tag: Jharia/JRI added by a2z~/1674352

Jun 24 2018 (09:34)
Station Tag: Dhanbad Junction/DHN added by a2z~/1674352
Stations:  Dhanbad Junction/DHN   Jharia/JRI  
धनबाद – कभी धनबाद से झरिया होते हुए पाथरडीह तक जाने वाले रेलमार्ग में रेल तो चला करते थे लेकिन रेलवे की जमीन भी खाली रहती थी क्योंकि समय-समय पर रेलवे के द्वारा अभियान चलाया जाता था। लेकिन जब से यह रेलमार्ग बंद हुआ है तब से लेकर अब-तक एक नहीं बल्कि दर्जनों लोगों ने रेलवे की जमीन का अतिक्रमण करके पक्का मकान बना लिया है तो कुछ ने व्यवसाय खोल लिया है। एक व्यक्ति जिसे रेलवे ने वर्ष 1945 में जमीन लीज पर दिया था उसने मामला कोर्ट तक पहुंचा दिया है ताकि जमीन खाली ना करना पड़े। साथ ही खेती के लिए मिले जमीन पर बड़े-बड़े जेनरेटर बैठाकर व्यवसाय फैला लिया है। रेलवे की ओर से उसे हटाने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन वह सफल नहीं हो सका। वहीं अन्य अतिक्रमणकारी भी धीरे-धीरे रेलवे की जमीन पर कब्जा करते रहे। यहां तक कि नगर निगम का पानी...
more...
भी वहां सप्लाई होने लगा है। रेलमार्ग बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर सड़क बनाने की पहल किया था जो आज भी अधर में लटका हुआ है। फिलहाल स्थिति यह है कि बंद रेल लाईन के दोनों ओर कब्जाधारियों की संख्या बढ़ते जा रही है।
धनबाद से लेकर धनसार तक हो चुका है अतिक्रमण
इस बंद रेल मार्ग पर धनबाद से लेकर धनसार तक अतिक्रमण हो चुका है। दोनों ओर कई पक्के और कच्चे मकान बन चुके हैं। कई ने वहां अपना स्थायी व्यवसाय खोल लिया है। वहीं कुछ लोग रेलवे की जमीन काे बेच भी रहे हैं। जिसे देखने के लिए कोई जिम्मेवार नहीं पहुंचता है। झुग्गी-झोपड़ी की संख्या सबसे ज्यादा है। इसमें कई संदिग्ध लोग भी रह रहे है। कहीं-कहीं पर खटाल खोल लिया गया है। लोग कहते है कि वे यहां वर्षों से रह रहे है तो खाली कैसे करेंगे।
खेती के लिए जमीन ली, अब खाली नहीं कर रहे हैं
धनबाद-झरिया रेल मार्ग पर ही रेलवे से वर्ष 1942 में लीज पर एक व्यक्ति ने जमीन लिया था। अब जब रेलवे उसे खाली कराने के लिए जाती है तो वह खाली नहीं करते है। रेलवे को इसके लिए हाई कोर्ट तक जाना पड़ गया है। रेलवे कहती है कि यह जमीन उसका है। वहीं लीज धारक का कहना है कि जमीन हमलोगों का है। वहीं जिस जमीन को खेती के लिए लिया गया उस पर अब दूसरा व्यवसाय भी चल रहा है।
धनसार से आगे भी हो रहा है अतिक्रमण 
इस रेलखंड पर अब धनसार से आगे भी अतिक्रमण शुरू हो चुका है। चूंकि रेलवे का इस रेलखंड से ध्यान हट चुका है और शायद ही वह कभी इसे देखने के लिए कोई अधिकारी आते हो। इसी वजह से अब अतिक्रमण अब धनसार से आगे बढ़ते हुए झरिया की ओर बढ़ने लगा है। रेलवे यदि इसी तरह से चुप रही तो आने वाले समय में पूरी जमीन पर कब्जा हो जाएगा। एक ओर रेलवे कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटाने के लिए कठोर कार्रवाई के आदेश दे रही है वहीं इस जगह पर रेलवे चुप्पी साधे हुए है।
इस बारे में रेलवे के कनीय अधिकारी ने बताया कि यह सही है कि रेलवे की जमीन पर कब्जा हो रहा है। जहां तक लीज का मामला है तो उसमें रेल सिर्फ 35 वर्ष के लिए देती है। जिस व्यक्ति ने दावा किया है उसका दावा गलत है।
Post navigation
Is Naveen Patnaik right in asking Centre to Reorganise Railways in lines with State jurisdictions similar to that of Income Tax, Postal, Central Excise & Telecom Circles? Yes No Can't Say View Results  Loading ... Is it Right Time for IR to fulfill Demands of New Rail Zones/Divisions? Yes No Can't Say Wait Some Time View Results  Loading ... Do you Agree in the Merger of Rail Budget with the Union Budget? Yes No Wait & Watch Can't Say View Results  Loading ...
Is Naveen Patnaik right in asking Centre to Reorganise Railways in lines with State jurisdictions similar to that of Income Tax, Postal, Central Excise & Telecom Circles?
View Results
Is it Right Time for IR to fulfill Demands of New Rail Zones/Divisions?
View Results
Do you Agree in the Merger of Rail Budget with the Union Budget?
View Results
How Do You Rate Suresh Prabhu as Minister of Railways?
View Results
Major cause of Rail Accidents is due to:
View Results
Will Suresh Prabhu's Resignation as Railway Minister solve the Problem faced by IR?
View Results
Supposing IRCTC brings in World-class Services & Support, would you Switch-over to IRCTC e-Commerce Platform from FlipKart/SnapDeal/Amazon for Online Purchases?
View Results
Do you think Disinvestment in Rail PSUs a Welcome Step?
View Results
Trade Unions argue that Removal of "Service Charge" for Online IRCTC Ticket Bookings shall eventually lead to Closure of "Reservation Counters". Do you Agree?
View Results
Do You Think Trade Unions had Contributed for Betterment of Railways in India?
View Results
Do you Welcome Introduction of High Speed Trains in India?
View Results
RailNews is about to get Licence for 24*7 News TV Channel. How Would you Like Watching Live 'RailTV'?
View Results
What is the Key Reason for not adopting ERP in Indian Railways till date?
View Results
Is it Right Time for IR to fulfill Demands of New Rail Zones/Divisions?
View Results
Prez Polls: How do you rate Metro Man of India Dr.E.Sreedharan as one of the Choicest Candidate for the Post of President of India?
View Results
Who among the following would you prefer as India's next Railway Minister?
View Results

7809 views
Jun 26 2018 (13:46)
Arnab~   6768 blog posts
Re# 3567422-1            Tags   Past Edits
Ye to hona hi tha!
The railways were supposed to takeover this land way back in 2007, and plans were in place to restart the railway line but we live in an imperfect world!
Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy