Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

पश्चिम रेलवे की शान, पश्चिम सुपरफास्ट एक्सप्रेस मेरी जान - Abdul Rehman

Full Site Search
  Full Site Search  
FmT LIVE - Follow my Trip with me... LIVE
 
Fri Jul 30 22:34:29 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Post PNRAdvanced Search

DURG/Durg Junction (6 PFs)
     दुर्ग जंक्शन

Track: Triple Electric-Line

Show ALL Trains
Railway Colony, Durg - 491001 Junction for G/R/BPTP lines.
State: Chhattisgarh

Elevation: 300 m above sea level
Zone: SECR/South East Central   Division: Raipur

No Recent News for DURG/Durg Junction
Nearby Stations in the News
Type of Station: Junction
Number of Platforms: 6
Number of Halting Trains: 221
Number of Originating Trains: 42
Number of Terminating Trains: 41
Rating: 4.2/5 (170 votes)
cleanliness - excellent (22)
porters/escalators - good (22)
food - good (22)
transportation - excellent (21)
lodging - excellent (18)
railfanning - good (21)
sightseeing - good (22)
safety - good (22)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 695 News Items  next>>
Jul 28 (20:11) आईआरसीटीसी सितंबर में शुरू करेगी यात्रा स्पेशल ट्रेन (www.livehindustan.com)
New/Special Trains
SER/South Eastern
0 Followers
7895 views

News Entry# 460469  Blog Entry# 5026956   
  Past Edits
Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Raipur Junction/R removed by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Raigarh/RIG added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Raipur Junction/R added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Asansol Junction/ASN added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Ranchi Junction/RNC added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Bokaro Steel City/BKSC added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Dhanbad Junction/DHN added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 28 2021 (20:11)
Station Tag: Tatanagar Junction/TATA added by Adittyaa Sharma/1421836
आईआरसीटीसी 21 सितंबर से दक्षिण भारत के लिए यात्रा स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू कर रही है। आसनसोल से खुलने वाली यात्रा स्पेशल ट्रेन झारखंड के धनबाद, बोकारो, रांची, टाटानगर से बिलासपुर, रायगढ़ व दुर्ग होकर चलेगी।
श्रद्धालुओं को आईआरसीटीसी 10 दिनों में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी एवं त्रिवेंद्रम के मंदिरों और पर्यटक स्थल का दर्शन कराएगी। कोरोना संक्रमण फैलने पर आईआरसीटीसी ने मार्च 2020 में तीर्थ स्पेशल या यात्रा स्पेशल ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया था, जो अब शुरू हो रहा है। टाटानगर में आईआरसीटीसी के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं को एकमुश्त रकम भुगतान करने पर यात्रा के दौरान खाने-ठहरने एवं घूमने के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
...
more...
Jul 22 (21:56) स्टेशन में ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री के जेब से 42 हजार पार (www.naidunia.com)
Crime/Accidents
SECR/South East Central
0 Followers
2175 views

News Entry# 460011  Blog Entry# 5022340   
  Past Edits
Jul 22 2021 (21:56)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 22 2021 (21:56)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Durg Junction/DURG   Bhilai/BIA  
भिलाई। दुर्ग रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय में ट्रेन का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति के जेब से 42 हजार रुपये चोरी हो गए। टिकट रिजर्वेशन के बाद वो प्रतीक्षालय में ही रुका हुआ था। इसी दौरान किसी अज्ञात आरोपित ने उसके जेब से रुपये निकाल लिए। शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी हुई तो उसने जीआरपी में इसकी शिकायत की।
दुर्ग जीआरपी ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ चोरी की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसकी पतासाजी शुरू की है।
जीआरपी ने बताया कि शिकायतकर्ता श्याम सुंदर तिवारी (77) बीते 18
...
more...
जुलाई को अमृतसर जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन गया हुआ था।
जनरल टिकट काउंटर बंद होने के कारण उसने तत्काल में टिकट खरीदा और रेलवे स्टेशन के ही यात्री प्रतीक्षालय में सो गया। रात करीब ढाई बजे उसकी नींद खुली तो उसने अपना जेब चेक किया तो उसके जेब में से 42 हजार रुपये नहीं थे। जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक जब उसने टिकट खरीदने के लिए अपने जेब से रुपये निकाले थे। तब एक संदिग्ध व्यक्ति वहीं खड़ा होकर ये सब देख रहा था।
उसने आशंका जताई है कि उसी व्यक्ति ने उसके रुपये चोरी किए हैं।
एक अन्य मामले में दुर्ग जीआरपी ने चलती ट्रेन में मोबाइल चोरी करने वाले एक बदमाश को पकड़ा है। पेंड्रारोड निवासी शिकायतकर्ता जीतू बैगा वैनगंगा एक्सप्रेस से महबूब नगर से बिलासपुर जा रहा था। रास्ते में उसका मोबाइल चोरी हो गया। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उसने जीआरपी को इसकी जानकारी दी।
जिसमें जीआरपी ने एस पांच बोगी में सवार एक व्यक्ति बलजीत सिंह मार्को को संदेह के आधार पर पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने ही मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपित कोरबा का रहने वाला है। उसके खिलाफ जीआरपी ने चोरी की धारा के तहत कार्रवाई की है।
Jul 21 (23:10) रेलवे के कबाड़ से बना दिया गेटवे आफ इंडिया, इंडिया गेट और वार मेमोरियल (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
0 Followers
8686 views

News Entry# 459925  Blog Entry# 5021587   
  Past Edits
Jul 21 2021 (23:10)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Durg Junction/DURG  
दुर्ग। दुर्ग रेलवे में कार्यरत मूर्तिकार अशोक देवांगन ने उत्तर प्रदेश के झांसी रेलवे में कबाड़ से नयनाभिराम कलाकृतियां बना रहे है। 40 फीट लंबे गेटवे आफ इंडिया, 20 फीट ऊंचे इंडिया गेट और 35 फीट ऊंचे वार मेमोरियल के बनने से रेलवे का यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बना रहा है। वर्तमान में वे इसके अलावा भी अनेक कृतियों का सृजन कर रहे हैं।
रेलवे के विभागों में लोहे का कबाड़ सुनते ही अंतररात्मा में एक ऐसे क्षेत्र की तस्वीर उभतरी है जहां गंदगी ही गंदगी है। परंतु इसी कबाड़ को यह पारखी सोने से भी ज्यादा मूल्यवान बना डाल रहा है। मालगाड़ी में लगने वाले अनेक सामान जैसे ईएम पैड तथा वीपीसी पैड घिसावट के कारण व्यर्थ हो जाते
...
more...
है इन्हें वेल्डिंग करके नई रचना की जा रही है। इनका वजन भी बहुत ज्यादा होता है, जिससे गेटवे आफ इंडिया 30 टन, इंडिया गेट 10 टन और वार मेमोरियल स्मारक 15 टन का बना है।
अशोक देवांगन दुर्ग के कोचिन यार्ड में कार्यरत है। उन्होंने अपने विभाग के अलावा भिलाई, रायपुर और दुर्ग में कचरे से अनेक कलाकृतियां बनाई है। झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक आरडी.मौर्या ने बताया कि निरंतर एक ही किस्म के कार्य कर रहे कर्मचारियों में ऐसे कलात्मक कार्यों से एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
इन कृतियों से न सिर्फ व्यर्थ सामग्री श्रेष्ठतम निष्पादन हो रहा है बल्कि विभाग की सुंदरता में भी चार चांद लग रहे हैं। जिस कबाड़ के पास कल तक कोई नहीं जाना चाहता था आज उसी कबाड़ से बनी कृति के पास खड़े होकर सेल्फी ले रहे हैं।
झांसी में इन कलाकृतियों के निर्माण में अशोक गुप्ता, सुदामा राय, यूनिस खान, मुकेश, ललित तथा अरविंद गुप्ता अपना योगदान दे रहे है। अशोक देवांगन ने दुर्ग कोचिन डिपो के अधिकारी रामनारायण साहू व वरिष्ठ अनुभाग अभियंता रविंद्र गिरि के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है कि जो उन्हें दूसरे विभागों में कार्य करने के लिए प्रेरित करते है।
अपनी कला से देशभर में छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करने पर ललित कला अकादमी नई दिल्ली के एक्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य अंकुश देवांगन, चित्रकार डीएस.विद्यार्थी, मनीष ताम्रकार, ज्योतिर्मय महापात्रो व स्थानीय कलाजगत के अनेक वरिष्ठ कलाकारों ने उनकी सराहना की है।

Rail News
7121 views
Jul 22 (00:24)
घुम्मकड़ी
eXplorerDKG^~   89788 blog posts
Re# 5021587-1            Tags   Past Edits
This was mady by CDO YPR
Jul 03 (12:40) The Nomenclature System of Locomotives on IR (railtracker.in)
IR Affairs
0 Followers
32437 views

News Entry# 458083  Blog Entry# 5003371   
  Past Edits
Jul 03 2021 (12:41)
Station Tag: SSS Hubballi Junction (Hubli)/UBL added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:41)
Station Tag: Nagpur Junction/NGP added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Chengalpattu Junction/CGL added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: MGR Chennai Central/MAS added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Pune Junction/PUNE added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Igatpuri/IGP added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus/CSMT added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Shimla/SML added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 03 2021 (12:40)
Station Tag: Kalka/KLK added by Adittyaa Sharma/1421836
All travellers and enthusiasts would have observed, during their journeys, the alphanumeric numbers, such as 'WAP-7', 'WAG-9' boldly painted on the body of the locomotives operating on the Indian Railways. This article attempts to explain the system for nomenclature adopted by the Indian Railways for the locomotives operating on the Indian Railways. The numbering system of locomotives comprises two parts. First, the code prefix such as 'WDM-2' or 'WAM-4' denotes the type/class of the loco; second, a serial number such as '17604'. Each letter in the code prefix has a specific significance, and the understanding of this would help us understand the nomenclature adopted on IR and the varied types of locomotives running on the IR. The first (left-most) letter denotes the gauge. Thus, 'W' stands for Broad Gauge, 'Y' is Metre Gauge, and 'Z' is Narrow Gauge. We will normally see one of these letters as the first letter in...
more...
the number of the loco.
The Steam Era
In the bygone era, life was simple because there was only one category of the loco, based on the fuel is used. Those were days of the elegant, huffing and puffing steam locos, also colloquially called 'coal engines'. In those days, on the broad gauge, we had:
The letters 'P' and 'G' indicated Passenger service and Goods service, respectively. This means that 'WP' was a broad gauge passenger service loco, while 'WG' was a broad gauge goods service loco. Due to the shift to diesel and electric traction, both these locos are no longer in service on IR and can be seen only in museums.
On the metre gauge, we had the omnipresent 'YP' class locos, which had a flat front unlike their broad-gauge counterparts (WP). The goods trains on the metre gauge were pulled by 'YG' class locos, which had a look similar to the 'YP' locos.
Thus, in the days of steam traction, the second letter indicated the loco's 'service class' and mainly the 'WP'. 'WG', 'YP' & 'YG' class of steam locos dominated the IR scene.
The Change from Coal to Diesel Fuel
Then, in the sixties came diesel traction, and life became a little more difficult. Most of the diesel locos operating on the broad gauge are 'WDM-2' series, where 'W' is Broad Gauge, 'D' is Diesel, and 'M' is 'Mixed' (service). These versatile locos, made in India at DLW, Varanasi under license from ALCO, USA, have put in an exceedingly meritorious and long service in hauling passenger and goods trains, both singly and in pairs.
The number '2' indicates that it is a second-generation loco from the design technology perspective. Its predecessor, 'WDM-1', was used in much smaller numbers and were last seen on the Durg-Nagpur section of South Eastern Railway, hauling goods trains. The peculiarity of the WDM-1 was that it had the driver's cab only on one end, while the other end was flat -- like the ends of passenger coaches. So, while it appeared flush with the load behind it, the WDM- 1 had to be reversed for the journey in the opposite direction. On the other hand, 'WDM-2', though unsymmetrical, can be used in any direction without the need of reversing, thanks to the design of its driver's cab.
WDM-2's cousin on the metre gauge is an equally versatile 'YDM-4', while that on the narrow gauge is ZDM-1. You will also find 'WDS-4' bringing passenger trains into the platform at the starting stations. ('S' indicates 'shunting class'). Other variants such as 'WDP-1' ('P' for 'passenger service', and higher-powered (3100hp), 'WDP-2' and 'WDG-2' locos for passenger and goods service, respectively.
While 'WDM-2' and its related variants are based on ALCO designs, IR has recently gone in for a new technology, powerful (4000hp) locos based on the designs of General Motors, USA. These locos are christened 'WDG-4' ('G' for Goods), manufactured at DLW. These locos can be seen operating on the Hubli Division of the South Central Railway, hauling goods trains carrying bulk ore.
On the narrow gauge, locos such as 'ZDM' operate on Kangra Valley Railway and Kalka-Shimla Railway. In contrast, other narrow gauge variants pull tourist trains on the Neral-Matheran Railway near Mumbai.
The Electric Locomotives
The advent and the progress of Electric Traction have further complicated the numbering system. From a simple 'WP' or 'WG', we now move on to more complex nomenclatures such as 'WCAM-3', an addition of as many as 3 characters. But this addition is not without adequate meaning, as we will realise after the following discussion.
Electricity comes in two forms -- AC (Alternating Current) and DC (Direct Current). On Indian Railways, the Mumbai-Pune, Mumbai-Igatpuri and Mumbai-Virar sections are fed by DC supply (1,500V DC), while all other sections are fed by AC supply (25,000V AC). Therefore, the nomenclature system for electric locos includes a letter to differentiate between locos with DC traction from those with AC traction. As per this system, 'A' indicates 'AC traction' while 'C' indicates 'DC traction (not 'D' to avoid any confusion with diesel). One can, therefore, find 'WCG' class locos (Broad Gauge, DC traction, Goods duty) operating on the Mumbai Division, while their counterparts 'WAG' locos haul broad gauge goods trains on AC traction elsewhere on LR. Similarly, trains, such as Mumbai-Pune Deccan Queen Express were, till recently, hauled by gigantic 'WCM-l' and 'WCM-5' ('M' for 'Mixed' service, just as in 'WDM-2'), while Mail/Express trains in the other parts of the country are powered by AC electric locos such as 'WAM-4' (Broad Gauge, AC Traction, Mixed service).
The WAM-4 Ioco has been produced in vast numbers (upward of 500) and is in service very widely in India. Its predecessor, WAM-1/2/3, can be seen operating on Eastern Railway, for instance, on Sealdah Division. 'WAG-2' is of Hitachi design and operates mainly on the Bhusawal Division of Central Railway. This is a very handsome-looking loco, which is also the case with its 'younger brother', the 'YAM-1' used for hauling trains on the only electrified metre gauge section on IR, namely the Chennai-Chengalpattu section. Under Project Umgauge being implemented by the railways, this section will get converted to broad gauge, and rail enthusiasts will surely miss the sight of this lovely loco hauling a load of metre gauge coaches.
What WAM-4 is to Mail/Express trains, 'WAG-5' is to goods trains operating on the broad gauge. The WAG-S is the most common loco for hauling BG freight trains on AC traction. More than 700 locos of this variety can be seen on LR.
Driven by the ever-growing need for more speed & power, we have seen technological advancements on the IR scene too. Thus we now can commonly see a huge, 5000 horsepower, red-coloured, and well-contoured loco, the 'WAP-4' hauling super-fast Mail pr Express trains of as many as 24 coaches in various parts of the country. This BG-AC Passenger Service loco is capable of achieving speeds up to 140 kilometres per hour. Its predecessors, the 'WAP-l' and 'WAP-3' can be found in much lesser numbers -- they were probably used to improve the designs, which has now been adopted on the 'WAP4.'
Classification of Locomotives:
Antiquity System, 
Early locomotives in India had a bewildering variety of classification schemes. Regional railways had their own classification schemes too. For more details, refer to reference works such as Hugh Hughes' classic 4-volume work on Indian locomotives.
The first BESA standard classes appeared in 1903. The HPS, SPS, HGS, and SGS steam loco classes were quite popular. HP = Heavy Passenger, SP = Standard Passenger, HG = Heavy Goods, SG = Standard Goods. In these, the suffix 'S' stands for 'superheated'. An alternative suffix 'C' indicates a conversion to superheating, e.g. SGC. A suffix 'M' was sometimes used to mean 'modified' for variant designs. However, these classification codes were universally adopted, and various railways had their own schemes.
In 1924, when IR decided to classify engines, the initial notation was:
The IRS (Indian Railway Standard) classes XA, XB, XC, XD, XE, and others in the 'X' series for BG; YA, YB, YC, YD, and YE for MG; and ZA, ZB, ZC, ZD, ZE, ZF for 2'6" NG; and QA, QB, QC for 2' NG, were all adopted as standards by the Locomotive Standards Committee by 1925 or soon thereafter.
In fact, the Q classes were never built, and of the Z classes, only ZB and ZE (and a modified version of ZF to agree with existing locos) classes were built. The same manufacturer built not all locos of a given class. Some of these class designations were re-used later (e.g., ZD). In 1945, 'IRS' became 'IGR' (Indian Government Railway Standard), although the class notations remained.
'W' was used for broad-gauge instead of 'X' soon after World War II, introducing the WP and WG locomotives. 'Q' was also replaced by the 'N' code. Some early electrics had codes beginning with 'E' (EF, EM, EG, etc.), but after about 1945, when diesel and electric locos were included in the scheme, the codes for motive power were added (D, A, C, CA, B), which have remained unchanged.
Locos, except for older steam ones, have classification codes that identify them. This code is of the form '[gauge][power][load][series][subtype][suffix]'
In this the first item, '[gauge]', is a single letter identifying the gauge the loco runs on:
The second item, '[power]', is one or two letters identifying the power source:
The third item, '[load]', is a single letter identifying the kind of load the loco is normally used for:
The fourth item, '[series]', is a digit distinguishing the loco model. Until recently, this serial number was assigned chronologically as new types of locos were added.
The fifth item, '[subtype]', is an optional letter or number (or two of them) that indicates some smaller variation in the basic model or series, perhaps different motors, or a different manufacturer. With the new scheme for classifying diesel locos, the fifth item is a letter that further refines the horsepower indication in 100HP increments: 'A' for 100HP, 'B' for 200HP, 'C' for 300HP, etc. So in this system, a WDM-3A refers to a 3100HP loco, while a WDM-3F would be a 3600HP loco.
The last item, '[suffix]', is an optional indication that indicates something special about the loco, such as a different gearing ratio or brake system than usual.
Jul 02 (11:52) Bilaspur Railway News: नौ व 23 को आधे घंटे देर से छूटेगी गेवरारोड-इतवारी स्पेशल (www.naidunia.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
0 Followers
20146 views

News Entry# 457958  Blog Entry# 5002427   
  Past Edits
Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Gondia Junction/G added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Kalamna/KAV added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Nagpur Junction/NGP added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Janjgir Naila/NIA added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Champa Junction/CPH added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 02 2021 (11:52)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836
बिलासपुर। Bilaspur Railway News: नागपुर रेल मंडल में इंटीग्रेटेड मेगा ब्लाक के कारण कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसी के तहत नौ व 23 जुलाई को 08239 गेवरारोड- इतवारी स्पेशल ट्रेन को आधे घंटे नियंत्रित कर रवाना किया जाएगा। यह ब्लाक प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार व शनिवार को सुबह चार बजे कलमना-गोंदिया-दुर्ग सेक्शन में लिया जाएगा। इसके चलते 16 व 30 जुलाई को 08240 इतवारी-बिलासपुर स्पेशल ट्रेन को इतवारी से 23:55 की जगह 12:55 बजे रवाना किया जाएगा।
मरम्मत के लिए बंद रहेगा फाटक
बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत चांपा-नैला स्टेशन के बीच
...
more...
किमी 666/20-22 पर स्थित मानव सहित समपार संख्या 338 मिशन फाटक को दो जुलाई की सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस वजह से सड़क यातायात भी प्रभावित रहेगा। हालांकि राहगीरों को किसी तरह परेशानी न हो। इसे देखते हुए मरम्मत कार्य के दौरान यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किमी 667/17-19 पर स्थित रोड अंडरब्रिज व रेलवे ब्रिज 46 के नीचे मार्ग से की गई है।
दूरंतो स्पेशल ट्रेन अब 30 सितंबर तक चलेगी
हावड़ा-मुंबई के बीच 02096/02095 नंबर से चल रही दूरंतो स्पेशल ट्रेन के परिचालन की अवधि बढ़ा दी गई है। यह ट्रेन अब 29 सितंबर तक चलेगी। पूर्व में इसे 30 जून तक ही चलाने का निर्णय लिया गया था। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसका विस्तार किया गया है। ट्रेन सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार को हावड़ा से और प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार व रविवार को मुंबई से छूटेगी। समय में किसी तरह परिवर्तन नहीं किया गया है।
Page#    Showing 1 to 20 of 695 News Items  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy