Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

हमसे सीखे कोई जीने का सलीका। सफर कैसा भी हो, मौज़ उडाये जाते हैं।। - Amir

Full Site Search
  Full Site Search  
 
Thu Apr 15 14:20:47 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Post PNRAdvanced Search
Large Station Board;
Entry# 1752998-0

MRDA/Maroda (1 PFs)
मारोड़ा     मारोड़ा

Track: Single Electric-Line

Show ALL Trains
Maroda District Chandrapur
State: Maharashtra

Elevation: 196 m above sea level
Zone: SECR/South East Central   Division: Nagpur

No Recent News for MRDA/Maroda
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 1
Number of Halting Trains: 8
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: 4.8/5 (5 votes)
cleanliness - excellent (1)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - excellent (1)
lodging - n/a (0)
railfanning - excellent (1)
sightseeing - good (1)
safety - excellent (1)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  
Mar 22 (00:18) रेलवे का 140 टन ब्रेक डाउन क्रेन दुर्घटना राहत में निभा रहा अहम भूमिका (www.naidunia.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
0 Followers
5113 views

News Entry# 446505  Blog Entry# 4914745   
  Past Edits
Mar 22 2021 (00:19)
Station Tag: Dallirajhara/DRZ added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 22 2021 (00:19)
Station Tag: Maroda/MRDA added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 22 2021 (00:18)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Bhilai/BIA   Dallirajhara/DRZ   Maroda/MRDA  
भिलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में चरोदा के ब्रेकडाउन यूनिट (आपात स्थिति शाखा) में 140 टन क्षमता वाले ब्रेकडाउन रेल क्रेन दुर्घटना सहित अन्य निर्माण कार्यों में अहम भूमिका निभा रहा हैं। यह दुर्घटना राहत ट्रेन का अभिन्ना अंग भी है। आधुनिकीकरण के दौर में दुर्घटना में क्षतिग्रस्त भारी माल वाहक वैगन, भारी इंजिन को ट्रैक से हटाने में सक्षम व दुर्घटना स्थल पर शीघ्र गति से पहुंचने की क्षमता भी इसमें है।
आवश्यकता अनुसार एवं सीमित क्षमता वाले पुराने डीजल के्रन के विकल्प के रूप में सन 1994 में देश में निर्मित एक आधुनिक डीजल हाइड्रोलिक 140 टन क्षमता वाले रेल क्रेन को भिलाई के दुर्घटना राहत ट्रेन में शामिल किया गया। यह के्रन रेल इंजन
...
more...
कारखाना जमालपुर द्वारा निर्मित देश का पहला (किट) क्रेन है। इसका निर्माण में उपयोग लोहे के प्लेट भिलाई में निर्मित है।
भिलाई में ब्रेक डाउन का भाप इंजन से चलने वाले क्रेन के समय से गौरव शैली इतिहास है। जिसे सन 2011 से भिलाई मार्शलिंग यार्ड के नवनिर्मित डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रिड में स्थापित किया गया। डिजास्टर मेनेजमेंट ग्रिड चरोदा में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (समन्वय) रायपुर एसके सेनापति के मार्गदर्शन में 140 टन क्रेन, दुर्घटना राहत ट्रेन के रख रखाव व त्रुटिरहित परिचालन के लिए डीएस ध्रुव एसएसई (ब्रेक डाउन) व कार्यकुशल में दक्ष विशेष रेल कर्मियों द्वारा किया जाता है।
140 टन हाइड्रोलिक ब्रेकडाउन क्रेन के दुर्घटना राहत ट्रेन में शामिल होने के बाद से राहत मरम्मत व वापसी के कार्य में सार्थक तेजी आई है। बड़ी ट्रेन दुर्घटना में जल्द से जल्द घटना स्थल पर पहुचने से मरमत व वापसी के कार्य में गतिशीलता आती है।
पिछले 25 वर्षों से अनवरत सेवा दे रहे इस के्रन ने निर्धारित अपनी सीमा दाधापारा से डोंगरगढ़ और लाखोली के मध्य व पड़ोसी मंडलो में विपरीत परिस्थियों में आवश्यकतानुसार दुर्घटना राहत में अभूतपूर्व कार्य किया है। दुर्घटना राहत के अलावा ब्रेकडाउन क्रेन का उपयोग जनकल्याणकारी सुविधाओं के निर्माण कार्य में भी किया जाता है। जैसे करोना काल में मंदिर हसौद की फुट ओवर ब्रिज की लांचिंग व रायपुर मंडल के अलग अलग खंडों में पांच स्थानों पर वे ब्रिज स्लैब की स्थापना, 12 नग पुराने डीजल इंजन की ग्राउंडिंग प्रमुख कार्य है।
बीते 10 वर्षों में रायपुर मंडल एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्ना स्टेशनों पर 37 फुट ओवर ब्रिज , लेटिस की स्थापना (लांचिंग) की गई। मरोदा दल्ली-राजहरा सेक्शन के अंर्तगत इंजीनियरिंग विभाग के साथ तीन स्थानों पर लिमिटेड हाइट सबवे निर्माण में सब वे बाक्स को स्थापित करना।
इंजीनियरिंग विभाग के 29 से ज्यादा ब्रिज के आयरन गर्डर को स्लैब से बदलने का कार्य किया गया गया है। हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने चरोदा प्रवास के दौरान इस क्रेन के रखरखाव के लिए कर्मियों को सराहा भी था।
मरोदा से बालोद तक ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हो गया है। पिछले दिनों उस इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर देखा गया। इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी एएम चौधरी ने ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई गई। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसमें संशोधन के बाद ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन के दौड़ने का रास्ता साफ हो जाएगा।
मरोदा से बालोद तक करीब 61.2 किलोमीटर लंबे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हो चुका है। रेल लाइन का विद्युतीकरण करने के बाद आयुक्त रेलवे संरक्षा का निरीक्षण होता है। उनकी अनुमति के बाद ही ट्रैक में ट्रेनों का परिचालन बिजली किया जाता है।
इसी
...
more...
कड़ी में सेफ्टी कमिश्नर चौधरी ने ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों से उन्होंने बिजली से ट्रेनों के संचालन के संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उनसे इस संबंध में आवश्यक जानकारियां भी ली। इस दौरान डीआरएम श्यामसुंदर गुप्ता, रायपुर मंडल और बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर और रेलवे के अन्य उपक्रमों के अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने इस दौरान सारे तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया। साथ ही अधिनस्थ को सुधार के लिए निर्देशित भी किया। जल्द ही इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन होगा।
बीएसपी को रावघाट से है बड़ी उम्मीदें, बढ़ेगा दबाव
दुर्ग-दल्ली राजहरा ट्रैक का विस्तार हो रहा है। अभी तक अंतागढ़ तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। रावघाट की ओर आगे भी ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। इस ट्रैक से भिलाई स्टील प्लांट को बहुत उम्मीदें हैं। रावघाट से आयस्क की आपूर्ति बीएसपी को की जाएगी।
इसी उद्देश्य से हर साल बजट में ट्रैक के विस्तार के लिए हर दिन करीब 200 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा जा रहा है। आने वाले दिनों में ट्रैक का और विस्तार होगा। इससे रावघाट से जहां अयस्क का आपूर्ति होगी, वहीं यात्री सेवाएं भी शुरू हो सकती है। मार्ग पर ट्रेनों का दबाव बढ़ेगा।इलेक्ट्रिकल इंजन के दौड़ने का रास्ता साफ
सेफ्टी कमिश्नर के निरीक्षण और आवश्यक सुझाव के बाद कहा जा रहा है कि मरोदा से बालोद तक इलेक्ट्रिक इंजन वाले ट्रेनों का परिचालन किया जा सकेगा। इससे डीजल इंजन की तुलना में ज्यादा गति से ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेनों को भी रफ्तार मिल सकेगी। इसके अलावा इस ट्रैक में अभी तक डेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आने वाले दिनो में मेमू ट्रेनें भी चलाने की तैयारी है।
63 साल से लगातार ट्रैक पर दौड़ रहे डीजल इंजन
मरोदा से दल्ली-राजहरा तक ट्रैक करीब 63 साल पुरानी है। इसमें अभी तक डीजल इंजन से पैसेंजर ट्रेन और गुड्स ट्रेनों का मूवमेंट किया जाता रहा है। अभी भी डीजल इंजन से ही यहां काम लिया जा रहा है। लाइन के विद्युतिकरण से ट्रेनों की गति बढ़ने और गुड्स ट्रांसपोर्ट में आसानी होने की उम्मीद है। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से यह एक अहम कदम होगा। इन दिनों इस ट्रैक पर गुड्स और पैसेंजर दोनों को मिलाकर करीब 24 ट्रेनें हर दिन चल रही हैं। आगामी दिनों में इस मार्ग को सीधे जगदलपुर तक जोड़ने की तैयारी है।
Mar 03 (06:36) उम्मीद:मरोदा से बालोद के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रॉयल (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
0 Followers
3914 views

News Entry# 441970  Blog Entry# 4894292   
  Past Edits
Mar 03 2021 (06:36)
Station Tag: Dallirajhara/DRZ added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Mar 03 2021 (06:36)
Station Tag: Balod/BXA added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Mar 03 2021 (06:36)
Station Tag: Maroda/MRDA added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Balod/BXA   Dallirajhara/DRZ   Maroda/MRDA  
मरोदा से दल्ली-राजहरा तक ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा रहा है। यह काम बालोद तक हो चुका है। इसमें ट्रॉयल के तौर पर पहली बार इंजन को चलाकर देखा गया। इसके बाद आने वाले दिनों में अन्य पैसेंजर और गुड्स ट्रेनों के चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। फिलहाल मरोदा से बालोद तक 57 किलोमीटर तक ट्रैक के विद्युतीकरण का काम हो चुका है। आने वाले दिनों में दूसरे चरण के तहत बालोद से दल्ली राजहरा तक विद्युतीकरण किया जाएगा। इसकी भी शुरुआत जल्दी ही होगी। इसके लिए दो साल पहले रेलवे बजट में राशि अलॉट की गई थी। इस पर काम चल रहा है। इस ट्रैक से हर दिन 10 गुड्स ट्रेनें दौड़ रही हैं। इसके अलावा रायपुर से केवटी तक डेमू ट्रेन भी चल रही है। इससे मरोदा तक लौह अयस्क लाने का काम होता है। ट्रायल के दौरान रेलवे के ओएचई, इंजीनियरिंग और मैकेनिकल विभाग के अधिकारी और...
more...
कर्मचारी मरोदा से बालोद तक मुस्तैद रहे।
भिलाई। इस्पात संयंत्र की स्थापना के बाद पहला अवसर आया जब मरोदा से बालोद तक इलेक्ट्रिक इंजन ने दौड़ लगाई। अब तक इस रेलमार्ग पर डीजल इंजन चलता था। रेलमार्ग पर विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिक रेल इंजन ने रफ्तार पकड़ी।
बता दें कि भिलाई स्टील प्लांट (बी एस पी) की स्थापना के बाद से दिल्ली राजहरा से लौह अयस्क डीजल इंजन के माध्यम से आ रहा था। अब चूंकि रावघाट परियोजना शुरू होनी है, उससे पहले मरोदा से लेकर बालोद, दल्ली राजहरा तथा रावघाट तक विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। विद्युतीकरण का कार्य बालोद तक पूरा हो चुका है। बालोद से लेकर दल्ली राजहरा तक विद्युतीकरण का कार्य दूसरे चरण में किया जाना है।
...
more...
मरोदा से लेकर बालोद तक रेल मार्ग से दूरी 57 किलोमीटर है। इस रेल मार्ग पर रोजाना दस मालगड़ियां चलती है। जो दल्ली राजहरा से मरोदा तक लोह अयस्क लाने का कार्य करती है। वहीं रायपुर से केंवटी तक एक पैसेंजर ट्रेन भी चलती है। अब तक ये सारी ट्रेने डीजल इंजन से चलाई जा रही थी। डीजल इंजन से रेलवे को भारी खर्च आ रहा था।
शाम सात बजे ट्रायल के लिए छूटा रेल इंजन
रविवार का दिन बीएसपी के लिए एतिहासिक दिन रहा। रविवार को शाम सात बजे ट्रायल के लिए एक इलेक्ट्रिक इंजन रवाना किया गया। इलेक्ट्रिक इंजन को ट्रायल के लिए बालोद तक ले जाया गया। इलेक्ट्रिक इंजन के ट्रायल के लिए रेलवे का ओएचई विभाग, इंजीनियरिंग व मैकनिकल विभाग मरोदा से बालोद तक मुस्तैद रहा।
Aug 12 2020 (05:50) मरोदा से दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण का काम शुरू (www.naidunia.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
0 Followers
17537 views

News Entry# 416223  Blog Entry# 4685892   
  Past Edits
Aug 12 2020 (05:50)
Station Tag: Dalli Rajhara/DRZ added by हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की🙏🏼🙏🏼🙏🏼/1421836

Aug 12 2020 (05:50)
Station Tag: Maroda/MRDA added by हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की🙏🏼🙏🏼🙏🏼/1421836

Aug 12 2020 (05:50)
Station Tag: Raipur Junction/R added by हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की🙏🏼🙏🏼🙏🏼/1421836
रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
रायपुर से केंवटी तक डीजल इंजन वाली ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है, क्योंकि मरोदा से केंवटी तक विद्युतीकरण का काम नहीं हुआ है। बिजली इंजन नहीं चलने से रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है, इसलिए रेलवे ने 116 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में मरोदा से दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण किया जाएगा। फिर आगे के स्टेशनों तक विद्युतीकरण किया जाएगा। रेलवे के अधिकारी के अनुसार विद्युतीकरण होने से जहां रेलवे का राजस्व बचेगा, वहीं यात्रियों का समय भी बचेगा।
वर्तमान
...
more...
में रायपुर से केंवटी तक 166 किलोमीटर तक ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। अंतागढ़ से केंवटी तक चार ट्रेनें चल रही हैं। दल्लीराजहरा से दुर्ग तक दो ट्रेनें, रायपुर से केंवटी तक एक, केंवटी से दुर्ग, दल्लीराजहरा तक एक ट्रेन चलाई जा रही है। सभी ट्रेनें डीजल इंजन से चल रही हैं।
रेलवे के अधिकारी ने बताया कि डीजल इंजन के चलने से प्रदूषण होता है वहीं गाड़ियों की गति भी कम होती है। इस रूट पर जाने के लिए ट्रेनों को इंजन बदलना पड़ता है। विद्युतीकरण होने से इंजन नहीं बदलना पड़ेगा, बिजली इंजन लगने से ट्रेनों की गति बढ़ जाएगी और यात्रियों का समय भी बचेगा।
वर्जन
मरोदा से दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। विद्युतीकरण होने से यात्रियों का समय बचेगा और रेलवे का राजस्व भी बचेगा। -आर. सुदर्शन, सीनियर डीसीएम, रायपुर रेलवे मंडल
Page#    Showing 1 to 10 of 10 News Items  

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy