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Entry# 1750798-0

WSA/Wadsa (2 PFs)
वडसा     वड़सा
[Desaiganj]

Track: Single Electric-Line

Show ALL Trains
Wadsa, PIN - 441207, District - Chandrapur
State: Maharashtra


Zone: SECR/South East Central   Division: Nagpur

No Recent News for WSA/Wadsa
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 13
Number of Originating Trains: 1
Number of Terminating Trains: 1
Rating: 3.1/5 (47 votes)
cleanliness - good (6)
porters/escalators - average (6)
food - average (6)
transportation - good (6)
lodging - average (6)
railfanning - average (5)
sightseeing - good (6)
safety - good (6)
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Station News

Page#    Showing 1 to 6 of 6 News Items  
Aug 04 (11:25) Bilaspur Railway News: पुल पर जलस्तर बढ़ते ही मानिटरिंग सिस्टम करेगा आगाह (www.naidunia.com)
New Facilities/Technology
SECR/South East Central
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News Entry# 461044  Blog Entry# 5032661   
  Past Edits
Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Brajrajnagar/BRJN added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Ib/IB added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Robertson/ROB added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Bhupdeopur/BEF added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Gevra Road/GAD added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Korba/KRBA added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Champa Junction/CPH added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Janjgir Naila/NIA added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Nipania/NPI added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Dagori/DGS added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Mundikota/MNU added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Kamptee/KP added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Bramhapuri/BMP added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Wadsa/WSA added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Rasmara/RSM added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Tumsar Road Junction/TMR added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Kanhan Junction/KNHN added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Gwarighat/GRG added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Bargi/BUQ added by Adittyaa Sharma/1421836

Aug 04 2021 (11:25)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836
बिलासपुर। Bilaspur Railway News: रेलवे पुल से ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन करने के लिए नई तकनीक इस्तेमाल की गई है। मीटर गेट के स्थान पर वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। सेंसर युक्त इस नए उपकरण से जलस्तर की पूरी जानकारी त्वरित मिल जाएगी। नदी में जल स्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में इस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल पर तुरंत अलर्ट का मैसेज भी आएगा। इससे समय रहते रेल परिचालन नियंत्रित की जा सकेगी। जोन के 11 महत्वपूर्ण पुलों पर यह तकनीक स्थापित की गई है। अन्य पुलों में भी इसे लगाने की योजना है।
जोन में ऐसी कई प्रमुख नदियां हैं जहां रेलवे ने पुल बनाया है। इसी के ऊपर से
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ट्रेनों का परिचालन होता है। बारिश में इन नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति में परिचालन खतरनाक भी हो सकता है। इसे देखते हुए ही इस नई तकनीक को अपनाया गया है। पहले पारंपरिक गेज पद्धति से नदियों का जलस्तर पता किया जाता था।
इसमें त्वरित सूचनाएं नहीं मिल पाती थीं। वाटर लेवल रीडिंग में भी त्रुटि की आशंका रहती थी। रेलवे ट्रैक और पुल पर खतरे का आकलन मुश्किल भरा होता था। कई बार बाढ़ का पानी ट्रैक पर भी आ जाता था। लेकिन, इस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से नदियांे पर जल के स्तर की बेहतर निगरानी की जा सकती है।
इस तरह सिस्टम करता है काम
सेंसर युक्त यह सिस्टम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा होता है। इसमें एक चिप लगा रहता है। उसमें पुल से संबद्ध सहायक मंडल इंजीनियर, कार्य निरीक्षक और रेलपथ निरीक्षक आदि के मोबाइल नंबर दर्ज रहते हैं। पुल पर जलस्तर बताने वाले स्केल को सेंसर सिस्टम रीड करता रहता है। जब जलस्तर खतरे के निशान से बढ़ता या घटता है तो यह मशीन स्वत: संबंधित इंजीनियरों व अधिकारियों को एसएमएस भेजती है।
इन पुलों पर लगाया गया है सिस्टम
- इब नदी
- इब व ब्रजराजनगर स्टेशन के बीच
- भूपदेवपुर व राबर्ट्सन स्टेशन के बीच
- कोरबा व गेवरारोड स्टेशन के बीच
- नैला व चांपा स्टेशन के बीच हसदेव नदी पर
- दगौरी व निपनिया स्टेशन के बीच शिवनाथ नदी
- रसमड़ा व दुर्ग स्टेशन के बीच
- मुंडीकोटा व तुमसर स्टेशन के बीच
- कंहान व कामठी स्टेशन के बीच
- वडसा व ब्रह्मपुरी स्टेशन के बीच
- बरगी व ग्वारीघाट स्टेशन के बीच
Apr 07 2020 (23:59) पलायन कर रहे मजदूर आए ट्रेन के ईंजन की चपेट में , एक की मौत, एक गंभीर (www.google.com)
Major Accidents/Disruptions
SECR/South East Central
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News Entry# 404439  Blog Entry# 4608137   
  Past Edits
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Stations:  Gondia Junction/G   Wadsa/WSA  
© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.
डिजिटल डेस्क, गोंदिया। लॉकडाउन होने से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बंद है। जिस वजह से हैदराबाद कमाने के सिलसिले में गए बालाघाट जिले के 20 मजदूर चंद्रपुर-गोंदिया रेलवे मार्ग से गोंदिया की ओर आ रहे थे कि इसी दौरान रेलवे ईंजन के चपेट में आ गए। इस घटना में एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 7 अप्रैल की दोपहर के दौरान सड़क अर्जुनी तहसील के राका-पिपरी रेलवे पुलिया पर घटित हुई है। मृतक का नाम मध्यप्रदेश राज्य के बालाघाट जिला अंतर्गत आनेवाले किरनापुर क्षेत्र के निवासी डोमेश तुलसीदास पाचे (19) बताया गया है। वहीं गंभीर मजदूर का नाम सूरज द्विपत सत्यकर
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(22) बताया गया है।बता दें कि बालाघाट जिले के किरनापुर क्षेत्र के 20  मजदूरों का परिवार हैदराबाद रोजीरोटी के लिए गया था। लेकिन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए शासन ने पूरे देश को लॉकडाउन घोषित कर दिया। जिस वजह से मजदूरों को अपने गांव की ओर आने के लिए कोई यात्री परिवहन नहीं मिल रहा है। जिस वजह से मजदूरों का जत्था सैकड़ों मिल पैदल चलकर अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश राज्य के किरनापुर के गंगाराम कावड़े, हासीचंद उईके, योगेश नागेश्वर, प्रेमलाल डेने, रामवती नागेश्वर, जितेन मानकर, पंकज नागेश्वर, हेमराज नागेश्वर, शिवदास मानेराव, टेकराम नागफासे, कुंवरलाल पाचे, अमिना नागफासे, ईश्वर मानेश्वर, सुखदास राजकवरे, डोमेश पाचे, सूरज सत्यकर चंद्रपुर-गोंदिया रेल पटरी से गोंदिया की ओर आ रहे थे। इसी बीच राका-पिपरी रेल पुलिया पार कर रहे थे कि इसी दौरान गोंदिया से वड़सा की ओर जा रहे रेलवे ईंजन की चपेट में आ गए।इस घटना में डोमेश पाचे की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं सूरज सत्यकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही राका ग्राम के आपातकालीन समिति के शंकर मेंढे, जिप सदस्य माधुरी पाथोड़े, पंस सभापति गिरीधर हत्तीमारे, पुलिस पटेल मुन्नालाल पंचभाई, पत्रकार सुधीर शिवणकर, रोहन उपरीकर, अशोक मेंढे, सतीश महारवाड़े आदि घटनास्थल पर पहुंचकर सभी मजदूरों की मदद की। घटना की जानकारी डुग्गीपार पुलिस थाने को दी गई। सभी पीडि़त मजदूरों को खाने एवं अन्य सुविधा मुहैया कराई गई।
©
Aug 26 2019 (00:57) RPF’s Coras force to take on terrorists, Maoists (timesofindia.indiatimes.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 389455  Blog Entry# 4410504   
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Aug 26 2019 (00:58)
Station Tag: Wadsa/WSA added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Aug 26 2019 (00:58)
Station Tag: Rowghat/RWGHT added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Aug 26 2019 (00:58)
Station Tag: Narayanpur (CG)/NRNPR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Aug 26 2019 (00:58)
Station Tag: Jagdalpur/JDB added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Nagpur: In the backdrop of threats of its security from cross-border terrorism and Maoists, Railway Protection Force (RPF) has developed its own commando wing, Commandos for railway security (Coras), which will soon be deployed in Central India in coming days. The railways’ intelligence wing, already in function for collecting information, too have been beefed up.Coras, which started functioning on Independence Day, have been raised as crack squads to fight against terrorists and Maoist guerrillas. The RPF has also roped in officials of Intelligence Bureau (IB) to groom up the paramilitary force, which will work only for the security of railways propertites. South East Central Railway principle chief security commissioner Ranveer Singh Chauhan said he has plans to seek Coras company unit for Durg-Jagdalpur (Chhattisgarh) and proposed Wadsa-Gadchiroli (eastern Vidarbha in Maharashtra) sector as measure to thwart the threat arising in these stretches which passes through intense Maoist belt of Dandakaranya. “The...
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Coras units are trained to handle any emergency situations, help in evacuation process and also carry out operations in the railways. The well-trained commandos force will be able to act for freeing hostages and undertake anti-hijacking operations,” Chauhan, who was flanked by divisional security commissioner (DSC) Ashutosh Pandey and asst security commissioner A K Swamy, said on Saturday. Chauhan further said the intelligence gathering mechanism in the Nagpur division has been strengthened with dedicated manpower for collection of intelligence. “We have provided additional manpower who are now being trained too by IB,” he said, adding, “we are ensuring personnels are trained in handling narcotics and explosives also.”.Pandey, responding to TOI query, said two units for collecting intelligence already existed but were stationed at Nagpur and Gondia. “Now field units for intelligence collections have been opened at Narayanpur, Chhindwara (MP), Wadsa, Bhandara (Maharashtra), Rajnandgaon, Dongargarh (Chhattisgarh). The field units will feed the Nagpur and Gondia units,” he said Chauhan and Pandey, earlier in the day, addressed a press conference regarding induction of a new fleet of five four-wheelers for RPF posts and seven two-wheelers were allotted to the chowkies and outposts for increasing mobility and also administrative works.
Jun 21 2019 (10:51) Panel wants passes at 500m onWadsa-Gadchiroli rail line (timesofindia.indiatimes.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 384725  Blog Entry# 4348508   
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Jun 21 2019 (10:51)
Station Tag: Wadsa/WSA added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Stations:  Wadsa/WSA  
Nagpur: The regional empowered committee (REC) of the MoEFCC has recommended underpasses at every 500 metres in forest patches between the proposed Wadsa-Gadchiroli railway line which needs diversion of 83 hectares land.“We recommended additional box culverts or underpasses at every 500 metres inside the forest need to be constructed as per the design approved by Wildlife Institute of India (WII), Dehradun, for wildlife movement,” said REC member Suresh Chopne. The minutes of the REC meeting were released recently.The South East Central Railway (SECR), Nagpur, is executing the Rs800 crore project to construct new 52.86km broad gauge line between Wadsa-Gadchiroli ostensibly to transport iron ore and minerals from Gadchiroli and Chhattisgarh in the future. The project is being implemented on PPP basis and Maharashtra government has agreed to share 50% cost.Though the REC has given in-principle approval to the project, there are hiccups over taking mitigation measures. Of the 83 hectares dense...
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forest, some 4km passes through tiger-bearing areas. Chopne said the REC decided working permission will be granted only after funds for taking up mitigation measures as suggested by the committee of WII and NTCA are deposited by the user agency.Among the other recommended mitigation steps include maximum speed of trains while approaching and passing through forest area shall be 40 kmph during night and 50 kmph during day time. “We have also asked the SECR to remove two stations from forest patches which will bring down the proposed forest diversion area,” he said.However, talking to TOI, senior SECR officials said the REC itself has desired that a study will be carried out by a joint team of WII and NTCA to suggest mitigation measures. The suggestion of WII-NTCA will be binding on SECR. The forest department is coordinating the joint inspection schedule.“We are ready to take mitigation measures and increase the span of bridges. We are also not averse to 500 metre underpasses in forested patches but many odd conditions are being put forward. If REC or WII-NTCA is not satisfied by our mitigation steps and proposes to go for elevated viaduct on piers it will lead to cost escalation making the project infeasible,” SECR officials said.Based on REC suggestion, a one-man NTCA team consisting of Hemant Kamdi from regional office here had already conducted a site visit on January 22, 2019 and observed that mitigation measures should be taken as per the WII guidelines on ‘Eco-friendly measures to mitigate impacts of linear infrastructure on wildlife’ approved by the MoEFCC.According to forest sources, the NTCA team suggested transplantation of trees instead of felling, underpasses for reptile species, besides 5% of the project cost to mitigate negative impact of the project and forming monitoring committee to oversee whether mitigation steps are as per WII green infrastructure guidelines.As per WII’s eco-friendly mitigation guideline document the user agencies need to follow hierarchy of mitigation steps where avoidance is the best option. It also suggests considering not only engineering aspects like underpasses but speed and traffic control and integrate options of light and sound barriers, camouflaging and landscaping.Wadsa deputy conservator (DyCF) Niranjan Vivrekar said, “We have sought undertakings from the railways on mitigation steps and other set of conditions. Once we receive it the proposal will be forwarded to PCCF office.”WII GUIDELINES SAY ...* Follow hierarchy of mitigation measures given in the guidelines where avoidance is best option* Consider not only engineering option like underpasses but regulatory mechanism like speed and traffic control* Follow design, dimension for large carnivore and herbivore and as per the available corridor patch size. Thumb rule is of 5 metres clear height and 300m/km span coverage* Integrate options for movement of reptiles, birds and arboreal mammals* Integrate options of light and sound barriers, camouflaging, landscaping
May 02 2019 (15:20) रेल्वेच्या कायद्यात अडकले तलावांचे सौदर्यीकरण (www.lokmat.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 381426  Blog Entry# 4306970   
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May 02 2019 (15:22)
Station Tag: Wadsa/WSA added by ✒^~/1269766

May 02 2019 (15:20)
Station Tag: Gondia Junction/G added by ✒^~/1269766
Stations:  Gondia Junction/G   Wadsa/WSA  
सालेकसा : मुंबई-हावडा रेल्वे मार्गावरील रेल्वेच्या हद्दीत येणारे तलाव व जलाशय वर्षानुवर्षे उपेक्षित असून त्यातील लाख मोलाचे पाणी वर्षभर निरूपयोगी पडून असते. एवढेच नाही तर गाळ आणि वनस्पतीचा भरणा वाढल्याने एकीकडे पाणी उपयोगासाठी उपयुक्त राहत नाही. तर तलावात पाण्याची साठवण क्षमता सुद्धा कमी होत चालली आहे, अशात हे तलाव नाव व पाण्यापुरतेच उरले आहेत.
गोंदिया-भंडारा जिल्हा तलावाचा जिल्हा म्हणून ओळखला जातोे त्यातल्या त्यात गोंदिया जिल्ह्यामध्ये तलावांची संख्या खूपच जास्त आहे. शतकानुशकते या जिल्ह्यातील लोकांचे जीवन व त्याच्या पशुपालनाचे आधार गावशेजारी असलेले छोटे किंवा मोठे तलावच राहीले आहे. कालांतराने मुंबई-हावडा मुख्य रेल्वे मार्ग या जिल्ह्याच्या मधातून गेला आणि अनेक तलाव रेल्वे मार्गात लुप्त झाले तर अनेक तलाव रेल्वेने अधिगृहित केलेल्या जमिनीच्या हद्दीत गेले आहेत. रेल्वे कायद्यानुसार रेल्वेच्या हद्दीतील कोणतीही वस्तू सामान्य व्यक्ती आपल्या
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वापरात घेऊ शकत नाही.
इंग्रज काळात बनविण्यात आलेले कठोर कायदे स्वातंत्र्याच्या ७० वर्षांनंतर आजही अंमलात आणले जात आहेत. त्यामुळे रेल्वेच्या हद्दीतील तलावांचा उपयोग त्या परिसरातील सामान्य नागरिक किंवा कोणीही करु शकत नाही. जिल्ह्याच्या पूर्वेकडील चांदसूरजपासून (दरेकसा) तर पश्चिमेकडील मुंडीकोटापर्यंत १०० किलोमीटरच्या अंतरावर अनेक तलाव रेल्वेच्या हद्दीत अस्तित्वात आहे किंवा अस्तीत्व समाप्त होण्याच्या मार्गावर आहेत.
यात सालेकसा, आमगाव, गोंदिया, तिरोडा तालुक्यातील वेगवेगळ्या स्वरुपाच्या तलावांचा समावेश आहे. या व्यतिरीक्त गोंदिया ते बालाघाट आणि गोंदिया ते वडसा मार्गावर सुद्धा काही तलाव रेल्वेच्या हद्दीत पडून आहेत.
वर्षानुवर्षे रेल्वेच्या हद्दीतील तलाव नादुरुस्त पडून राहिल्याने तलावांमध्ये गाळ साचून पाणी साठवण क्षमता फारच कमी झाली आहे. तलावाच्या चारही बाजूंनी अनावश्यक वनस्पती आणि अतिक्रमणामुळे तलावांचे स्वरुप विद्रूप झालेले आहेत. एवढेच नाही तर या तलावांचे अस्तित्व सुद्धा धोक्यात आले आहे. सतत एकाच ठिकाणी पाणी साचून राहिल्याने त्यांचा उपयोग अनेक महत्वाच्या कामांसाठी करता येत नाही. अशात या तलावांचा काय उपयोग असा प्रश्न निर्माण होत आहे. तसेच रेल्वेच्या कायद्यामुळे या तलावांचा कोणत्याही कामासाठी उपयोग करता येत नाही.
मत्स्यपालनासाठी तलावांची मागणी
रेल्वेच्या हद्दीतील तलाव मत्स्यपालन व सिंगाडा उत्पादनासाठी देण्यात यावे अशी मागणी जिल्ह्यातील मासेमार अनेक वर्षापासून करीत राहीले. या संदर्भात त्यांनी मागील वर्षी गडचिरोली-चिमूरचे खासदार अशोक नेते यांची भेट घेतली होती. तेव्हा नेते यांनी, त्यांची मागणी लक्षात घेता प्रश्न निकाली काढण्याचे आश्वासन दिले होते. परंतु रेल्वेच्या कायद्यात सर्व काही अडकून पडले आहे.
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