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SBC - Kranti Veera Sangolli Rayanna Bengaluru: Station in Garden - Dinesh Kumar

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Tue Dec 7 05:21:27 IST
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CC/Chauri Chaura (2 PFs)
چوری چورا     चौरी चौरा

Track: Double Electric-Line

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Gorakhpur- Deoria Highway, Chauri Choura, Gorakhpur- PinCode:- 273201
State: Uttar Pradesh

Elevation: 86 m above sea level
Zone: NER/North Eastern   Division: Varanasi

No Recent News for CC/Chauri Chaura
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 25
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 19 of 19 News Items  
गोरखपुर, प्रेम नारायण द्विवेदी। Gorakhpur Railway Station: गुरु गोरक्षनाथ की पवित्र धरती गोरखपुर सहित यातायात की दृष्‍ट‍ि से पिछड़े पूर्वांचल के धार्मिक और पर्यटक क्षेत्रों के विकास को रफ्तार देने की कवायद तेज हो गई है। तीन वर्ष पहले प्रस्ताव के बाद भी राजधानी सहित वंदे भारत, शताब्दी और दूरंतो जैसी देश की प्रमुख ट्रेनों को संचालित करने के लिए रेलवे बोर्ड की हरी झंडी नहीं मिली तो पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को मजबूत करने की ठान ली। गोरखपुर और बस्ती मंडल के दो करोड़ से अधिक की आबादी सहित जनप्रतिनिधियों, पर्यटकों और बड़े उद्यमियों तथा बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा करीब 425 किमी मुख्य रेलमार्ग का ट्रैक मजबूत कर दिया है। अब इस ट्रैक पर भी 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से राजधानी जैसी ट्रेनें फर्राटा भर सकती हैं।
लूप
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लाइनों की 15 से बढ़कर हो गई है 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग का ट्रैक तो राजधानी चलने लायक तैयार हो चुका है। महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी गोरखपुर कैंट से भटनी तक 130 किमी प्रति घंट की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी कर चुके हैं। लेकिन इस रेलमार्ग पर अभी भी राजधानी जैसी ट्रेनों को संचालित करने के सभी मानक पूरे नहीं हो पाए हैं। हालांकि, अपवाद स्वरूप बिना डबल डिस्टेंट सिग्नल के भी राजधानी जैसी ट्रेनें चल सकती हैं लेकिन रेलवे प्रशासन ने संरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्ग पर डबल डिस्टेंट सिग्नल लगाना शुरू कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर से छपरा ग्रामीण स्टेशन तक 23 करोड़ 52 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है। कुसम्ही, सरदारनगर और चौरी चौरा रेलवे स्टेशन पर सिग्नल लगाने के कार्य भी शुरू हो चुके हैं। जल्द ही लखनऊ मंडल के गोरखपुर से गोंडा के रास्ते बाराबंकी रूट पर भी डबल डिस्टेंट सिग्नल लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जानकारों के अनुसार वर्ष 2022 तक सिग्नल लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। सिग्नल के कार्य पूरा हो जाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यमार्ग पर भी राजधानी जैसी ट्रेनों को संचालित करने के सभी मानक पूरे कर लिए जाएंगे।
राजधानी की तर्ज पर चलती है अरुणाचल एक्सप्रेस
वर्ष 2015 से गोरखपुर के रास्ते आनंदविहार से नाहरलागून के बीच अरुणाचल एक्सप्रेस नाम से एक वातानुकूलित ट्रेन सप्ताह में दो दिन चल रही है। भविष्य में इस ट्रेन को ही राजधानी के रूप में दिल्ली से नाहरलागून होते हुए इटानगर के बीच चलाने की योजना है। दरअसल, नाहरलागून से अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर के बीच रेल लाइन निर्माण की योजना है। नाहरलागुन से ईटानगर तक रेल लाइन बिछ जाने से नाहरलागुन एसी एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार कर दिया जाएगा। इसके बाद यही ट्रेन राजधानी के रूप में ईटानगर से नई दिल्ली के बीच चलने लगेगी। नियमत: राजधानी एक्सप्रेस देश की राजधानी से किसी राज्य की राजधानी को जोडऩे के लिए ही चलाई जाती है। लेकिन आवश्यकता एवम् महत्व के आधार पर इसका अपवाद भी कर दिया जाता है। जैसे नई दिल्ली- गुवाहाटी के बीच चलने वाली त्रैसाप्ताहिक राजधानी को डिब्रूगढ़ टाउन तक बढ़ा दिया गया, जो असोम राज्य की राजधानी नहीं है। ऐसे में आनंदविहार- नाहरलागुन एसी एक्सप्रेस को भी राजधानी के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
पटना से दिल्ली के बीच तैयार हो गया है नया मार्ग
गोरखपुर और लखनऊ होते हुए पटना से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस का रास्ता तैयार हो चुका है। वैसे भी गोरखपुर और लखनऊ से पाटलीपुत्र के बीच एक्सप्रेस ट्रेनें चलने लगी हैं। इसके अलावा इस रेलमार्ग से होकर गुवाहाटी से दिल्ली के बीच भी राजधानी चल सकती है।
राजधानी की राह में रोड़ा बनती रही है ट्रेनों की रफ्तार
रफ्तार राजधानी की राह में रोड़ा बनती रही है। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2017 में गोरखपुर के रास्ते आनंदविहार टर्मिनस से त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के बीच राजधानी एक्सप्रेस चलाने की योजना तैयार की थी। गोरखपुर में इस ट्रेन का दस मिनट का ठहराव का प्रस्ताव बना। यह ट्रेन उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलाई जानी थी। लेकिन इन रूटों पर ट्रेनों का अधिक दबाव के चलते राजधानी को न राह मिल पाई न रफ्तार। दरअसल, गोरखपुर के रास्ते राजधानी एक्सप्रेस चलाने की योजना कई बार बनीं। प्रस्ताव तैयार हुए, रेल लाइनों का परीक्षण हुआ। मजबूती जांची गई। ट्रेनों के बीच गैप भी खोजा गया। लेकिन बात नहीं बन पाई।
प्रमुख बातें
ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए अंतिम कार्य भी शुरू, गोरखपुर- छपरा रूट पर लगने लगे डबल डिस्टेंट सिग्नल
स्टेशन यार्डों में डबल डिस्टेंट सिग्नल लगने के बाद पूरे हो जाएंगे राजधानी जैसी ट्रेनों को चलाने के सभी मानक
284 किमी ट्रैक पर लगाई जा चुकी हैं 52 की जगह 60 किमी वजन की पटरियां और लगाए गए हैं 350 किलोग्राम के चौड़े और मजबूत स्लीपर
स्टेशन यार्डों के प्वाइंटों पर सामान्य की जगह लगाई जा चुकी हैं 57 थिक वेब स्विच
एलएचबी कोचों से चलने लगी हैं 34 एक्सप्रेस ट्रेनें, मानव रहित समपार समाप्त, 1609 मानवयुक्त समपार में 774 इंटरलाक
सभी स्टेशनों के स‍िग्‍नल प्रणाली में मैकेनिकल (सेमाफोर सिग्नल ) की जगह इलेक्ट्रान‍िंग इंटरलाक‍िंग (कलर लाइट सिग्नल) व्यवस्था लागू
पूर्वोत्तर रेलवे का प्रमुख रेलमार्ग छपरा से बाराबंकी रेलखंड पूर्ण रूप से विद्युतीकृत हो चुका है। रेल नवीनीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। जून तक 290 किमी रेल नवीनीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। डबल डिस्टेंट सिग्नल लगाने का कार्य आरंभ हो गया है। जिसके पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ाकर कर 130 किमी प्रति घंटा की जा सकेगी। - पंकज कुमार स‍िंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे।

Rail News
Aug 13 (12:22)
Ban all chinese mobiles
Sagnikdhn25~   1333 blog posts
Re# 5040560-1            Tags   Past Edits
Realistically GKP ko agar apni dedicated rajdhani chahiye to purvanchal ko alag state banao lekin fir bhi capital benaras hi banega 😂😂😂😂😂😂😂
Baki NHLN wali AC express zald hi rajdhani ho jayegi

88534 views
Aug 13 (22:10)
GKP LKO Section 120kmph Sucessful Trail Done
Piyush~   6979 blog posts
Re# 5040560-2            Tags   Past Edits
NHLN AC hi convert hogi Raj

75498 views
Aug 14 (15:20)
sheetalkamlapuri   26 blog posts
Re# 5040560-3            Tags   Past Edits
बहराइच स्टेशन का उद्धार कब होगा ?

Rail News
74442 views
Aug 16 (16:43)
Shubhashish Das~   306 blog posts
Re# 5040560-4            Tags   Past Edits
Gorakhpur ka route passenger train ka route thodi na h.. Wo to freight route me ata h.. Jahan jyadatar freight train hi chalti h..
Feb 04 (21:02) चौरीचौरा स्टेशन व क्रासिंग पर मुस्तैद रहेगी आरपीएफ, जीआरपी (www.inextlive.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 437087  Blog Entry# 4867100   
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Feb 04 2021 (21:02)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Chauri Chaura/CC  
GORAKHPUR: चौरीचौरा शताब्दी समारोह को देखते हुए रेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। आरपीएफ और जीआरपी ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। चौरीचौरा रेलवे स्टेशन और रेलवे क्रासिंग पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। एसपी रेलवे डॉ। बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि चौरीचौरा शताब्दी समारोह में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा एवं भीड़भाड़ को नियंत्रण रखने के लिए थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा तीन उप निरीक्षक, 19 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और तीन महिला कांस्टेबल की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। वहीं आरपीएफ के असिस्टेंड कमांडेंट आरवी सिंह ने बताया कि सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गोरखपुर जंक्शन से आरपीएफ और आरपीएसएफ के करीब 40 जवान लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त वाराणसी मंडल से भी अतिरिक्त फोर्स आएगी। सभी जवान स्टेशन के अलावा रेल लाइन पर निगरानी रखेंगे। आरपीएफ और आरपीएसएफ का बैंड पार्टी भी मौजूद रहेगी।
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रेलवे लाइन के किनारे न खड़े हों
एनई रेलवे प्रशासन ने चौरीचौरा में शताब्दी समारोह को लेकर कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। इस मौके पर चौरीचौरा रेलवे स्टेशन के निकट शहीद स्मारक आने वाले पर्यटकों और यात्री से रेलवे प्रशासन ने अपील है कि रेल लाइन पर और उसके किनारे न खड़े हों तथा एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए पैदल उपरिगामी पुल का प्रयोग करें। लेवल क्रासिंग से ही सावधानी पूर्वक रेल लाइन पार करें।
Feb 04 (08:11) चौरीचौरा शताब्‍दी महोत्‍सव : 29 जुलाई 1990 को पहली बार चली थी चौरीचौरा एक्सप्रेस (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 436924  Blog Entry# 4866325   
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Feb 04 2021 (08:11)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 04 2021 (08:11)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
गोरखपुर, प्रेम नारायण द्विवेदी। चौरीचौरा घटना की याद में 29 जुलाई 1990 को पहली बार चौरीचौरा एक्सप्रेस चली थी। यह ट्रेन इसी दिन पहली बार बड़ी लाइन पर वाराणसी के रास्ते गोरखपुर से इलाहाबाद जंक्शन तक चली थी। चौरीचौरा के बलिदानियों की याद में तीस साल से अधिक समय से यह ट्रेन आज भी निर्बाध गति से चल रही है। इस ट्रेन का मार्ग विस्तार कानपुर अनवरगंज तक हो गया, लेकिन नंबर 05003-05004 नहीं बदला। ट्रेनों का नंबर पांच अंक का हो जाने के बाद रेलवे प्रशासन आवश्यकतानुसार ट्रेन नंबर के आगे 1 या 0 लगाता रहता है।
बड़ी लाइन पर गोरखपुर से इलाहाबाद तक चलने वाली पहली ट्रेन बनी थी चौरीचौरा
जानकारों
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के अनुसार 29 जुलाई 1990 को वाराणसी में आयोजित समारोह में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और तत्कालीन रेलमंत्री जार्ज फर्नांडीज ने आमान परिवर्तन (छोटी से बड़ी रेल लाइन) का लोकार्पण किया था। उनके कार्यक्रम के लिए प्रकाशित रेलवे के ब्रोसर में मुख्यमंत्री और रेलमंत्री के शुभकामना संदेश और इस ट्रेन को संचालित करने का उल्लेख है। बोसर के मुताबिक बड़ी लाइन पर चौरीचौरा के अलावा गोरखपुर से कृषक और दादर एक्सप्रेस का भी संचालन शुरू हुआ था। रेलवे का ब्रोसर आज भी पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर स्थित धरोहर कक्ष में सुरक्षित है। हालांकि, इस ब्रोसर के अलावा चौरीचौरा एक्सप्रेस को लेकर रेलवे के पास कोई दूसरा साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।
तीस साल से अधिक समय से बलिदानियों की याद में चल रही चौरीचौरा एक्सप्रेस
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा-बरौनी का आमान परिवर्तन वर्ष 1981 में ही पूरा हो गया था। इस रेलमार्ग पर बड़ी लाइन वाली एक्सप्रेस ट्रेनें चलने लगीं। लेकिन भटनी-वाराणसी रेलमार्ग पर छोटी रेललाइन ही थी।
वाराणसी और इलाहाबाद जाने वाले गोरखपुर के यात्रियों को भटनी में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। तब भटनी-वाराणसी तक 161 किमी रूट पर छोटी लाइन की त्रिवेणी एक्सप्रेस चलती थी। हालांकि, 5 अप्रैल 1980 को भटनी-वाराणसी 161 किमी रेल लाइन का आमान परिवर्तन के लिए शिलान्यास हो गया था। 20 मई 1990 को आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो गया। यहां जान लें कि चौरीचौरा की घटना और बलिदानियों की याद में चौरीचौरा जनक्रांति शताब्दी समारोह वर्ष मनाया जा रहा है।
Feb 04 (07:29) शहीदों की याद में 30 साल पहले चली थी चौरीचौरा एक्सप्रेस, तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह ने किया था शुभारंभ (www.amarujala.com)
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News Entry# 436892  Blog Entry# 4866265   
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Feb 04 2021 (07:29)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 04 2021 (07:29)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।1 of 5
चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना को यादगार बनाने के लिए रेलवे ने 30 साल पहले 29 जुलाई 1990 को चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन चलाई थी। उस वक्त ट्रेन का स्टॉपेज चौरीचौरा स्टेशन पर पांच मिनट का था, जिसे अब दो मिनट कर दिया गया है। यह ट्रेन गोरखपुर से रोजाना इलाहाबाद (अब प्रयागराज) तक जाती थी। अब यह कानपुर अनवरगंज तक चल रही है।
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चौरी-चौरा
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: एक पुनरावलोकन2 of 5
पूर्वोत्तर रेलवे के दस्तावेज में छपा हुआ एक ब्रोशर मिला है, जिसमें अमान परिवर्तन के बाद ट्रेनों को चलाने का जिक्र है। जानकारों के मुताबिक चौरीचौरा आंदोलनकारियों और शहीदों की याद में रेलवे से स्थानीय लोगों ने एक ट्रेन चलाने की मांग की थी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में भटनी से वाराणसी तक बड़ी लाइन सेवा का उद्घाटन 29 जुलाई 1990 को किया गया। इसी समय ट्रेन चलाई गई। समारोह की अध्यक्षता तत्कालीन रेलमंत्री जार्ज फर्नांडीज ने की थी और प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बड़ी रेल लाइन सेवा का शुभारंभ किया था।
चौरीचौरा एक्सप्रेस।3 of 5
तीन एक्सप्रेस ट्रेनें चली थीं
बड़ी लाइन पर गोरखपुर से तीन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गईं थीं। गोरखपुर से प्रयागराज तक चौरीचौरा एक्सप्रेस और वाराणसी से गोरखपुर होकर लखनऊ तक कृषक एक्सप्रेस रोजाना। इसके अलावा गोरखपुर से दादर, मुंबई के लिए वाराणसी होकर काशी एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चली।
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।4 of 5
चौरीचौरा स्टेशन से रोजाना 1800 यात्री करते थे सफर
चौरीचौरा स्टेशन के बारे में रेलवे के दस्तावेज में मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 1990 में करीब 1800 यात्री रोजाना विभिन्न ट्रेनों से सफर करते थे। इसमें चौरीचौरा एक्सप्रेस से सफर करने वालों की संख्या ज्यादा थी।
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।5 of 5
रात 8:15 बजे गोरखपुर से चलती थी ट्रेन
चौरीचौरा एक्सप्रेस (15004) गोरखपुर स्टेशन से पहले रात 8:15 बजे चलती थी। चौरीचौरा में इसका स्टॉपेज पांच मिनट का था। यह ट्रेन सुबह छह बजे प्रयागराज पहुंचती थी। अब इसके समय में संशोधन किया गया है। यह ट्रेन रोजाना रात 11:20 बजे रवाना होती है। चौरीचौरा स्टेशन पर दो मिनट रुककर 11:57 बजे रवाना होकर कानपुर अनवरगंज दोपहर 12:20 बजे पहुंचती है। इसी तरह शुरुआती दिनों में ट्रेन (15003) प्रयागराज से रात 8:45 बजे छूटती थी और गोरखपुर स्टेशन पर सुबह 6:35 बजे पहुंचती थी।
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष में जहां प्रदेश सरकार शताब्दी महोत्सव मनाकर पूरे देश में एक संदेश देने की कोशिश में है वहीं रेलवे प्रशासन भी इसे यादगार बनाने जा रहा है। चौरीचौरा स्टेशन को देश स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आदर्श स्टेशन के रूप में चुना गया है। इसके साथ ही चौरीचौरा एक्सप्रेस में चार फरवरी को अत्याधुनिक सुविधाओं वाला लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाकर गोरखपुर से रवाना किया जाएगा। आजादी के बाद से अब तक चौरीचौरा रेलवे स्टेशन उपेक्षा का शिकार रहा है। स्टेशन पर अभी सिर्फ दो प्लेटफॉर्म और एक छोटा वेटिंग हाल है। जबकि इस रूट से वर्तमान समय में 40 से ज्यादा ट्रेनें संचालित हो रही हैं। अब रेलवे प्रशासन ने आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद रेलवे स्टेशन की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही यात्रियों से संबंधित सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
भवनों
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का भी कायाकल्प किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने कुल 53 स्टेशनों को आदर्श स्टेशन के लिए चुना है, इनमें चौरीचौरा स्टेशन भी है। अब यहां सुविधाओं को लेकर योजनाएं बन रहीं हैं, जिन्हें जल्द ही मूर्तरूप दिया जाएगा।
स्टेशन पर ये सुविधाएं होंगी
लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, अत्याधुनिक शौचालय, विश्रामालय, बैठने के लिए ज्यादा बेंच और कुर्सियां, पेयजल, वाहनों के आवागमन की सुविधा आदि। 
चौरीचौरा एक्सप्रेस में होंगे 22 कोच
गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज तक जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस (15003/15004) अभी स्पेशल के रूप में चल रही (05003/05004) ट्रेन में आरक्षित श्रेणी के दो कोच अब बढ़ जाएंगे। 20 की जगह 22 कोच लगाकर चलाई जाएगी। इससे सीटें भी बढ़ेंगी। 
522 किमी यात्रा में ट्रेन के 31 स्टॉपेज
चौरीचौरा एक्सप्रेस कुल 552 किमी की यात्रा तय करती है। यह ट्रेन गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज के बीच 31 स्टेशनों पर रुकती है। इसकी अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा है और स्टॉपेज लेकर 40.27 किमी प्रति घंटे की गति से चलती है।
ये हैं एलएचबी कोच की खूबियां
दुर्घटना की दृष्टि से काफी सुरक्षित होती है।
काफी संख्या व अच्छी क्वालिटी के स्प्रिंग व शॉकर लगे हैं जिससे जरा सा भी झटका महसूस नहीं होता है।सामान्य कोच की तुलना में वातानुकूलन ज्यादा बढ़िया होता है।
कोच के बाहर की बॉडी स्टील तथा अंदर की एल्युमीनियम की बनी होती है।
आग से भी पूरी तरह से होती है सुरक्षित (फायर प्रूफ कोच)सामान्य कोच से दो मीटर लंबे होते हैं ये कोच।
स्लीपर में 72 की जगह 80 सीटें होती हैं।
सामान्य व एलएचबी कोच की तुलना
विशेषता           सामान्य कोच (स्लीपर)    एलएचबी कोच (स्लीपर)
चलने पर आवाज    100 डेसीबल           60 डेसीबल
कोच की लंबाई      21.5 मीटर             23.54 मीटर
अग्नि सुरक्षा          कुछ नहीं                फायर प्रूफ कोच
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